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Ganesh Chaturthi Odisha 2025: Preparations for Ganesh Chaturthi in Odisha complete, pandals decorated with col
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Ganesh Chaturthi Odisha 2025: ओडिशा में गणेश चतुर्थी की तैयारी पूरी रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पंडाल !
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Wed, 27 Aug 2025 06:30 AM IST
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इस वर्ष गणेश चतुर्थी 27 अगस्त 2025 को मनाई जा रही है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है। गणेश चतुर्थी से 10 दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत होती है। मान्यता है कि भगवान गणेश 10 दिन के लिए धरती पर अपने भक्तों के घर आकर वास करते हैं। इस दौरान गणपति पंडाल सजते हैं। लोग अपने घर, कॉलोनी या मंदिर में गणपति स्थापना करते हैं। 10 दिन तक उनका पूजन, भजन और एकदंत के पसंदीदा भोग को अर्पित किया जाता है। वहीं अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन होता है। इस गणेश उत्सव की शुरुआत अपने परिजनों, दोस्तों और करीबियों को गणपति के शुभ संदेश भेजकर करें। सभी के साथ गणेश उत्सव मनाना चाहते हैं लेकिन दूर होने के वजह से साथ नहीं हो सकते तो व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम के माध्यम से करीबियों को गणेश चतुर्थी के शुभकामना संदेश भेज सकते हैं। मंगल कामनाओं के साथ ही प्रियजन गणेश जी के नाम के साथ इस दिन और त्यौहार की शुरुआत करेंगे तो उन्हें भी गौरी पुत्र गणेश का आशीर्वाद मिलेगा।
जब गणेश चतुर्थी की बात होती है, तो अक्सर मुंबई के विशाल पंडाल और उत्साहपूर्ण छवि सामने आती है, लेकिन अब ओडिशा भी इस सांस्कृतिक उत्सव की रौनक में किसी से कम नहीं। यहां भी भगवान गणेश का पर्व उतनी ही श्रद्धा, भव्यता और सांस्कृतिक समर्पण के साथ मनाया जाता है जितना कि मुंबई में। हर गली, मोहल्ले और पूजा पंडाल में भक्तों का उल्लास देखने लायक होता है।ओडिशा में गणेश चतुर्थी, जिसे स्थानीय ओड़िया कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, विघ्नहर्ता गणेश के स्वागत का सबसे विशेष दिन होता है।
यह पर्व राज्य के हर वर्ग के लोगों द्वारा पूरी श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है। भुवनेश्वर, कटक, ब्रह्मपुर और तालचेर जैसे प्रमुख शहरों में भव्य पंडाल सजते हैं, जिनमें कुछ पंडाल अपनी रचनात्मक मूर्तियों, अनूठी सजावट और जीवंत रोशनी के लिए विशेष प्रसिद्धि प्राप्त करते हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों को भी गणपति की थीम पर सजाया जाता है। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति संगीत, मीना बाजार और बच्चों के लिए खेलों का आयोजन किया जाता है। पारंपिरक व्यंजन, सजावद , बाजर में रौनक आदि देखने के मिलती है।
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