भारत अभी तक दुनिया भर में सबसे बेहतर चाय के मामले में प्रसिद्ध था। लेकिन अब एक और बड़ी उपलब्धि भारत के पाले में आई है। वह है भारतीय कॉफी। स्वदेश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भारतीय कॉफी की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ गई है। इसे जापान, कोरिया, यूएई और मध्य पूर्व में खासा पसंद किया जा रहा है। बीते पांच वर्षों में इन देशों में कॉफी की मांग तेजी से बढ़ी है। वित्त वर्ष 2023-24 में 1286 मिलियन डॉलर का निर्यात हुआ था। जबकि वर्ष 2024-25 के दौरान 1803 मिलियन डॉलर हो गया है। सालाना तौर पर यह बढ़ोत्तरी 40.20 प्रतिशत से अधिक है। पिछले पाँच वर्षों में काफी से जुड़े उत्पाद का निर्यात 38 प्रतिशत बढ़ा है।
कॉफी बोर्ड के सीईओ एवं सचिव कूर्मा राव एम का कहना है कि भारत की उच्च गुणवत्ता की कॉफी को वैश्विक स्तर पर काफी बेहद पसंद किया जा रहा है। इनमें सबसे ज़्यादा डिमांड मानसून मालाबार अरेबिका, मैसूर नगेट्स एक्स्ट्रा बोल्ड और रोबस्ट रॉयल जैसी ब्रांड वाली कॉफी की आ रही है। इसके अलावा भी कॉफी के कई ब्रांड काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। कॉफी में कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं जो समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं, जिस कारण से कॉफ़ी का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
वहीं, सरकार देश से काफी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार स्टार्टअप को भी प्रोत्साहन दे रही है। अभी तक 63 स्टार्टअप को निर्यात क्षेत्र से जोड़ा गया है। इसके साथ ही, सभी हितधारकों को उत्पादन, निर्यात, सेवा और नियमों के बारे में सही समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध हो, इसके लिए इंडिया कॉफी ऐप विकसित किया गया है। नियमों के तहत कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूरोपीय संघ को निर्यात किए जाने वाले कॉफी उत्पाद उस क्षेत्र से होने चाहिए जहां पर 31 दिसम्बर 2020 के बाद वनों की कटाई न की गई हो।