रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई के सामने पाकिस्तान को घुटने टेकने पड़े और चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी आतंकवादी हमले की इस्लामाबाद को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में उत्तरी कमान के सैनिकों से बातचीत करते हुए सिंह ने दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर को केवल रोका गया है और आतंकवाद के जरिए भारत को घाव देने का पाकिस्तान का कोई भी अभियान सफल नहीं होगा। रक्षा मंत्री ने कहा, 'हमने न केवल उनकी योजनाओं को विफल किया, बल्कि ऐसी जवाबी कार्रवाई भी की कि पाकिस्तान को घुटने टेकने पड़े। भारतीय धरती पर कोई भी आतंकवादी हमला पाकिस्तान को बहुत महंगा पड़ेगा।'
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व शुक्रवार की संध्या पर उत्तरी कमान में आयोजित बड़ाखाना के अवसर पर उन्होंने सेना के शौर्य, बलिदान, त्यागत और राष्ट्रभक्ति की भावना को सराहते हुए कहा यह आपके हौंसले आपकी ताकत और आपके संकल्प का परिणाम है कि आज आतंकवाद के प्रति भारत की नीति बदल चुकी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय था जब हम आतंकवाद का शिकार होते थे और दुनिया से सहानुभूति मांगते थे।
आज हम आतंक को उसकी भाषा में जवाब देने की हिम्मत और साम्र्थय रखते हैं। आपरेशन सिंदूर उसका ही एक ज्वलंत उदाहरण है। हमारी सेना और खुफिया एजेंसियों ने जिस तरह से सीमा पार आतंकियों के अड्डों को तबाह किया है, यह आतंकियों औ उनके सरपरस्तो को स्पष्ट संदेश है कि यह नया भारत है, जो आतंक के किसी भी रूप का,किसी भी सीमा तक जाकर प्रतिकार करेगा। यह सिर्फ सैन्यकार्रवाई नहीं थी, यह चेतावनी थी। भारत अब आतंकवाद का जवाब ताकत और रणनीति से देगा। अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और भारतीय सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।