लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्ती की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें भगवान कृष्ण से सीखना चाहिए कि धर्म की रक्षा के लिए अंत में सुदर्शन चक्र उठाना पड़ता है। रक्षा मंत्री ने एक संस्कृत मंत्र का उच्चारण करते हुए कहा कि 'शठे शाठ्यं समाचरेत्' यानी दुष्ट के साथ उसी तरीके से व्यवहार करना चाहिए। हमने 2006 के संसद हमले, 2008 के मुंबई हमले देखे हैं। अब हमने कहा कि बस अब काफी हो गया और अब हमने सुदर्शन चक्र उठा लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सशक्त कदम उठा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्य पूछ रहे हैं कि हमारे कितने विमान मार गिराए गए? मुझे लगता है कि उनका सवाल हमारी राष्ट्रीय भावनाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं करता है। उन्होंने हमसे यह नहीं पूछा है कि हमारे सशस्त्र बलों ने कितने दुश्मन विमानों को मार गिराया। अगर उन्हें कोई सवाल पूछना ही है, तो यह होना चाहिए कि क्या भारत ने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया, और इसका जवाब है, हां। अगर आपको कोई सवाल पूछना है, तो यह होना चाहिए कि क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा। इसका जवाब है, हां। क्या आतंकवादी प्रमुखों को नष्ट कर दिया गया? हां। अगर आपको कोई सवाल पूछना है, तो यह पूछें, क्या इस ऑपरेशन में हमारे किसी बहादुर सैनिक को नुकसान पहुंचा, जवाब है, नहीं। हमारे किसी भी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत की लड़ाई अब सिर्फ सीमा पर ही नहीं, बल्कि वैचारिक स्तर पर भी आतंकवाद के खिलाफ जारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह समिति दुनिया भर के मंचों पर जाकर भारत की बात रख रही है और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन को मजबूत कर रही है।