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'इंसाफ नहीं मिला तो जिंदा नहीं लौटूंगी', लखनऊ के इंदिरा भवन में धरने पर बैठी महिला किसान का दर्द
'अब इंसाफ नहीं मिला तो यहां से जिंदा नहीं जाऊंगी।' लखनऊ में इंदिरा भवन पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी एक महिला किसान के इस भावुक बयान ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
बांदा और अमेठी के 50 से अधिक किसान चकबंदी में कथित गड़बड़ियों के विरोध में इंदिरा भवन पर धरने पर बैठे हैं। किसानों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में उनकी पुश्तैनी जमीन की जगह दूसरी जगह चक आवंटित कर दिया गया। उनका कहना है कि पिछले धरने के दौरान चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने एक सप्ताह में समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
किसानों का कहना है कि इसी वजह से उन्हें दोबारा राजधानी आकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ा है। वे निष्पक्ष जांच, जमीन का न्यायपूर्ण आवंटन और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक ठोस समाधान नहीं होगा, धरना जारी रहेगा।
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