आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में आतंकियों के नाश की कामना से हवन किया गया। यह हवन अंतरराष्ट्रीय खालिस्तान विरोधी आतंकवादी मोर्चा के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड और उनके साथियों द्वारा किया गया। मंड ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पाकिस्तान की बोली बोलने वालों से भाईचारा खत्म कर देना चाहिए। हम 140 करोड़ सनातनी हैं, हमें गद्दारों से किसी भी तरह के भाईचारे की जरूरत नहीं है। मंड को कई बार खालिस्तानी आतंकियों से धमकी मिल चुकी है। उन्हें केंद्र सरकार द्वारा वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।
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मंगलवार सुबह मंड अपने सुरक्षा दस्ते के साथ नलखेड़ा पहुंचे थे। उन्होंने मां बगलामुखी के दर्शन-पूजन किए और मंदिर परिसर में हवन किया। मीडिया से चर्चा करते हुए मंड ने पहलगाम में आतंकियों द्वारा लोगों की बर्बरता पूर्वक हत्या और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अपनी बात रखी। आतंकी हमले के बाद वह कश्मीर भी गए थे। उन्होंने वहां कहा था कि "मैं आतंकियों को कच्चा चबा जाऊंगा।" उन्होंने पहलगाम के बेसरन में आतंकियों द्वारा किए गए नरसंहार की निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारी सेना ने बहुत अच्छा काम किया, पाकिस्तान में आतंकियों को मिटा दिया।
प्रधानमंत्री मोदी को पाकिस्तान के खिलाफ सख्ती जारी रखनी चाहिए। कोई ढील नहीं देनी चाहिए, क्योंकि पाकिस्तान बेईमान है। 75-76 साल हो गए हैं, लेकिन यह सुधरता नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन कर हमले किए। मां बगलामुखी मंदिर में हवन-पूजन को लेकर उन्होंने बताया कि यह हवन देश के शत्रु आतंकियों के नाश के लिए किया गया, जिसमें आतंकियों का 'स्वाहा' किया गया। उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन कर वहां भी शत्रु नाश की प्रार्थना की गई।
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पुख्ता रही सुरक्षा व्यवस्था
मंड के खालिस्तान विरोधी होने के कारण वे खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर हैं। उन्हें कई बार धमकी भी मिल चुकी है। इसी कारण उन्हें केंद्र सरकार द्वारा वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। नलखेड़ा प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही। हर समय पुलिस उनके साथ मौजूद रही और केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी उनके साथ तैनात रहे।