राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों राजस्थान के नागौर दौरे पर हैं। वे यहां शारदा बाल विद्यालय में चल रहे कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय के प्रशिक्षण सत्र में पहुंचे। जहां उन्होंने संघ कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें हर स्वयंसेवक की जिम्मेदारी तय है। उन्होंने कहा कि संघ कार्य केवल शाखा तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सेवा और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का माध्यम है। कार्यक्रम में संघ शताब्दी वर्ष की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। इस मौके पर भागवत ने कहा कि संघ के सौ साल पूरे होने तक हमारा लक्ष्य समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए भारत को फिर से वैभवशाली बनाना है।
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प्रशिक्षण वर्ग में क्या हो रहा है?
नागौर के इस प्रशिक्षण वर्ग में देशभर से आए सैकड़ों स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। यहां उन्हें सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और सेवा कार्यों से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संघ प्रचारकों ने बताया कि यह प्रशिक्षण केवल वैचारिक नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन में परिवर्तन लाने वाला है। सत्र में संघ कार्य के विस्तार और सुदृढ़ीकरण को लेकर भी रणनीति पर मंथन किया गया। भागवत ने साफ किया कि अब समय है कि हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें और उसकी समस्याओं के समाधान में सहभागी बनें।