मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी रविवार को आगर जिले के नलखेड़ा में पहुंचे। जहां पर पटवारी ने विश्व प्रसिद्ध मां बंगलामुखी मंदिर में पहुंचकर माता का पूजन पाठ किया। उसके बाद पटवारी ने ट्रैक्टर से किसान यात्रा शुरू की, जो नलखेड़ा से सुसनेर तक निकाली गई।पटवारी ने किसानों की सोयाबीन की फसल को सरकार द्वारा 6,000 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने की मांग के साथ-साथ अन्य मुख्य मांगों को लेकर यात्रा निकाली।
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बड़ा आंदोलन छेड़ा है, जिसके तहत कांग्रेस ने आगर-मालवा जिले के सुसनेर विधानसभा में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर किसान न्याय यात्रा के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की है। उसी क्रम में रविवार को आगर-मालवा के विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर प्रांगण नलखेड़ा से ट्रैक्टर रैली यात्रा प्रारंभ की, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए सुसनेर में ट्रैक्टर न्याय यात्रा पहुंची। जहां जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया और जनसभा को संबोधित किया गया। वहीं, कांग्रेस नेताओं के द्वारा जगह-जगह न्याय यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
कांग्रेस की मांग है कि किसान को अपनी सोयाबीन की फसल का भाव 6,000 से 7,000 रुपये प्रति क्विंटल मिले। क्योंकि सरकार ने सोयाबीन के लिए 4,892 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी घोषित किया है। लेकिन वहीं बाजार में इसका भाव सिर्फ 4,000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है। ऐसे में किसानों को उनकी लागत तक नहीं मिल पा रही है। सोयाबीन के गिरते भाव से किसानों की चिंता बढ़ी है तथा मध्यप्रदेश में किसानों की स्थिति गंभीर होती जा रही है और भारी भरकम बिजली बिल को कम करने तथा प्रदेश में हो रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने की मांगों और खासकर सोयाबीन की फसल का गिरता बाजार भाव और अन्य कृषि उत्पादों के लिए एमएसपी की कमी किसानों को परेशान कर रही है। कई किसान कर्ज में डूबे हुए हैं और लागत से कम दाम मिलने की वजह से उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वहीं, मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि बिना रिश्वत दिए किसी भी अधिकारी कर्मचारी को नौकरी नहीं मिलती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश से 20 अधिकारियों और कर्मचारियों के नार्को टेस्ट करवा लें, जिसमें पता चल जाएगा कि उनके द्वारा रिश्वत देकर ही उन्हें नियुक्ति मिली है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस माफी मांगेगी, लेकिन अगर ये सही साबित हुआ तो क्या मुख्यमंत्री माफी मांगेंगे।