मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थनगरी ओम्कारेश्वर स्थित भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर मंदिर में इन दिनों काफ़ी भीड़ चल रही है। रविवार को भी करीब एक लाख से अधिक भक्त ज्योतिर्लिंग दर्शन करने पंहुचे थे। शनिवार को भी भक्तों की यह संख्या 60 हजार के पार जा चुकी थी। शनिवार, रविवार और सोमवार को शीघ्र दर्शन बन्द रहते हैं। ऐसे में भीड़ अधिक होने के चलते सामान्य लाइनों में लगकर ही सभी भक्तों को दर्शन करना पड़ता है। कई बार तो देश भर से यहां पहुंचे भक्तों को बगैर दर्शन किए ही लौटना भी पड़ जाता है, क्योंकि भीड़ अधिक होने के चलते अधिक समय लगने पर उनकी फ्लाइट ट्रेन के छूटने का समय हो जाता है।
उज्जैन महाकाल की तर्ज पर हों शीघ्र दर्शन
ज्योतिर्लिंग भगवान ओम्कारेश्वर में सामान्य लाइनों में लगे भक्तों को करीब 3 से 5 घंटे तक दर्शन में लग जाते हैं। वहीं, उज्जैन महाकाल की बात करें तो वहां मात्र 250 रु के टिकट में लाइन से हट कर नंदीजी के पीछे से दर्शन करा दिए जाते हैं। उसी तरह की व्यवस्था ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में भी किये जाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। भक्तों का कहना है कि इससे ट्रस्ट की भी आय बढ़ेगी, जिससे मंदिर परिसर के विकास कार्यों को विस्तार दिया जा सकता है। साथ ही शीघ्र जाने वालों को अधिक से अधिक एक घंटे में दर्शन भी हो जाएंगे। इससे बाहर से यहां पहुंचे भक्तों को दुखी होकर नहीं लौटना पड़ेगा।
इस तरह से की जा सकती है शीघ्र दर्शन व्यवस्था
मंदिर से जुड़े बाबा ओमकार के भक्तों का कहना है कि यहां शीघ्र दर्शन गादि के पीछे नये चढ़ाव से जाकर, गौ माता पुत्रवन्ति माता होकर, सुखदेव मुनि गेट से प्रवेश कराते हुए, बेरीकेटिंग कर दीवाल किनारे से सिंगल लाइन में दर्शन करवाये जा सकते हैं। वहीं, झूलापुल से सामान्य दर्शन वाले चढ़ाव से चढ़कर शनि महाराज की तरफ से महिला गेट से प्रवेश करवाकर, चांदी गेट से अंदर दो लाइन बनाकर दर्शन करवाए जा सकते हैं। इधर पुराने पुल से आने वाले भक्त भी बड़े नंदी से मुख्य द्वार से प्रवेश कर, चांदी गेट से प्रवेश कर सकते हैं। वहीं प्रोटोकॉल वाले भक्त पुलिस सहायता केंद्र के पास वाले गेट से जा सकते हैं। इधर दिव्यांगों एवं अति वृद्ध लोगों की सुविधा के लिए उन्हें लकड़ी गेट से दर्शन करवाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह गेट इन्हीं लोगों के लिए बनाया गया था। वहीं इस तरह की व्यवस्था के बाद निकासी रास्ते के सामने बिलकुल भी भीड़ नहीं लगने दी जाना चाहिए।
कम हो रहा नर्मदा का जलस्तर
इधर रविवार को तीर्थनगरी में अच्छी बारिश भी हुई। ऐसे में यहां पहुंचे भक्त भीगते हुए दर्शन की कतारों में लगे रहे। वहीं इस दौरान रविवार को नर्मदाजी का जल स्तर भी करीब 20 फिट तक कम हो गया है, जिसके बाद भक्तों ने यहां के घाटों पर स्नान भी किए। बता दें कि फिलहाल ओंकारेश्वर बांध के 9 गेट बन्द कर दिए गए हैं, जिसके बाद अब केवल 14 गेटों से ही पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे यहां नर्मदा नदी का जलस्तर निरंतर कम हो रहा है।