टीकमगढ़ जिले के सुप्रसिद्ध और बुंदेलखंड के धार्मिक स्थल कुंडेश्वर धाम में आज जल विहार महोत्सव का आगाज होगा। आज शाम को भगवान भोलेनाथ अपने दरबार से निकलकर कुंड में जलविहार करेंगे। इसके बाद रात्रि में जल विहार महोत्सव के तहत बुंदेली भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। इस अवसर बुंदेलखंड के प्रसिद्ध गीतकार और गायक अपनी प्रस्तुति देंगे।
1972 में शुरू हुई थी जलविहार की परंपरा
कुंडेश्वर धाम के पुजारी पंडित जमुना प्रसाद तिवारी बताते हैं कि भगवान को जल विहार कराने की परंपरा हिंदू पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है। वर्षा समाप्त होने के बाद नदी और तालाबों में गंदा पानी पहुंच जाता है, जिसे अशुद्ध माना जाता है। नदी और तालाबों के पानी को शुद्ध करने के लिए भगवान को जल विहार कराया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1972 में बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल कुंडेश्वर धाम में जलविहार महोत्सव की शुरुआत की गई थी। इस वर्ष 53वां महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार जलविहार महोत्सव में बुंदेली भजन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रस्तुति देने के लिए बुंदेली भजनों की गायिका कविता शर्मा और बुंदेली कॉमेडियन राजीव शुक्ला शामिल होंगे।
लाखों की संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु
कुंडेश्वर धाम के निवासी सुरेंद्र सिंह भदोरिया ने बताया कि कुंडेश्वर धाम में जलविहार महोत्सव की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस परंपरा में शामिल होने और भगवान भोलेनाथ को जलविहार कराने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जहां रात भर बुंदेली भजनों की प्रस्तुति होती है। इस महोत्सव में भजनों के साथ-साथ स्थानीय दुकानदार भी शामिल होते हैं और पूरा कार्यक्रम मेले का रूप लेता है। इस मेले में बाहर से आने वाले दुकानदारों को भी मंदिर प्रबंधन द्वारा स्थान उपलब्ध कराया जाता है। रविवार की शाम 6:00 बजे भगवान भोलेनाथ की शोभायात्रा निकाली जाएगी। भगवान राम और जानकी के साथ भ्रमण करेंगे, इसके बाद उषा कुंड ले जाकर उन्हें जल विहार कराया जाएगा और रात्रि 8:00 बजे से भजन संध्या का कार्यक्रम होगा, जिसमें भजन गायक देव सिंह चौहान, बुंदेली गायिका कविता शर्मा, गोरस चंद्रभान वासुदेव, और बुंदेली कॉमेडियन राजू शुक्ला अपनी प्रस्तुतियां देंगे।