मध्यप्रदेश के बुराहनपुर शहर ने अपना नाम लोंगेस्ट परफॉर्मिंग फोक डांस ग्रुप श्रेणी में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कराया है। प्रदेश टूरिज्म बोर्ड भोपाल एवं जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के साथ ही जिला प्रशासन बुरहानपुर के प्रयासों से इस कार्यक्रम का आयोजन कराया गया था। इसमें मुकेश दरबार एंड ग्रुप के 10 कलाकारों के द्वारा लगातार 24 घंटे तक लोकनृत्य का प्रदर्शन कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया गया। बता दें कि प्रदेश के जनजातीय एवं लोक नृत्यों के संवर्धन, प्रोत्साहन और यहां के पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पूरा आयोजन किया गया था, जिसकी समाप्ति पर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अधिकारियों ने मुकेश दरबार को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
बुरहानपुर नगर के परमानंदजी गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम के मंच पर शनिवार दोपहर 2.57 बजे से मुकेश दरबार ग्रुप के 10 कलाकार और 11 वादक लंदन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर बनाने उतरे थे। इस दौरान नेपानगर जागृति कला केंद्र के निदेशक मुकेश दरबार नृत्य की प्रस्तुति शुरू होने से लेकर रिकॉर्ड बनने तक भावुक दिखे और अंत में लोंगेस्ट परफॉर्मिंग फोक डांस ग्रुप श्रेणी में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड में उन्होंने अपना नाम दर्ज करा लिया।
उसके बाद उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अधिकारियों डॉ. तिथि भल्ला और चेतना निचानिया के द्वारा इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। यहां सबसे लंबे समय तक प्रदर्शन करने वाले लोक नृत्य समूह होने के लिए 1 से 2 मार्च 2025 तक लगातार 10 कलाकारों द्वारा भगोरिया, फगुआ और गणगौर सहित निमाड़ क्षेत्र के पारंपरिक लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया गया था। लोकनृत्य की इस पूरी प्रस्तुति को लंदन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड की टीम ने लंदन से बैठकर लाइव देखा, जिसके बाद उनकी तीन सदस्यीय टीम रविवार को बुरहानपुर पहुंची थी। इस टीम ने सभागृह में चार घंटे बैठकर लोकनृत्य की प्रस्तुति भी देखी, जिसके बाद रिकॉर्ड बनते ही मुकेश दरबार की टीम को इसका प्रमाण पत्र सौंपा गया।
20 से अधिक कलाकार छोड़कर चले गए
इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए स्थानीय कलाकारों संग मेहनत करने वाले मुकेश दरबार ने मीडिया को बताया कि उनकी इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को बनाने की तैयारी तो करीब महीने भर से ही चल रही थी। इस दौरान करीब 20 से अधिक कलाकार तो इसे मुश्किल बताकर उनका साथ छोड़ गए थे। लेकिन उन्होंने भी हार नहीं मानी और नए कलाकार जोड़े। इसकी प्रैक्टिस करने के दौरान जब वे लोग सात घंटे की लगातार प्रस्तुति के समय तक पहुंच गए तो उनकी भी हिम्मत बढ़ गई, जिसके बाद मंच पर कलाकारों ने ढोल, बांसुरी और थाली-चम्मच जैसे ठेठ देसी वाद्य यंत्रों के साथ निमाड़ की लोक संस्कृति की लय-ताल छेड़ दी। फिर कलाकारों के भी कदम कहां रुकने वाले थे, जिसके बाद उन्होंने निमाड़ के प्रसिद्ध भगोरिया, फगुआ और गणगौर नृत्य की प्रस्तुति देकर देश के नाम एक अनूठा वर्ल्ड रिकॉर्ड कर लिया।
नृत्य करते हुए पैरों में पड़े छाले
वहीं, यहां मौजूद ग्रुप के कलाकारों ने बताया कि जब उनकी हौंसला अफजाई की गई तो उन पलों को वे भूल ही नहीं सकते। उनकी प्रस्तुति की शुरुआत में ही सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक अर्चना चिटनीस, कलेक्टर हर्ष सिंह, एसडीएम पल्लवी पुराणिक सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन उनका हौंसला बढ़ाने पहुंचे थे। वहीं, विधायक चिटनीस और एसडीएम सहित अन्य कई लोग तो आधी रात को भी सभागृह में पहुंचे थे। यही नहीं उन्होंने मंच से नीचे नृत्य करते हुए उनका हौंसला बढ़ाया। इसके बाद रविवार को 2.57 समय पर जैसे ही वर्ल्ड रिकार्ड देश के नाम हुआ सभागृह में मौजूद हर कोई झूम उठा। इसके बाद तो उन्हें लगा ही नहीं कि वे सभी थके हुए हैं या उनके पैरों में नृत्य करते हुए छाले पड़ गए हैं।