कटनी पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिले के व्यापारियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। करीब आधे घंटे चली इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कटनी जिला खनिज संपदा से भरपूर है और यहां औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। खनिज संसाधनों के साथ-साथ कृषि उत्पादन को देखते हुए फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, टूरिज्म सेक्टर में भी बड़े निवेशकों ने रुचि दिखाई है, जिससे जिले में पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है।
औद्योगिक विस्तार की योजना
कटनी जिले में तीन प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं, जहां नई कंपनियों और उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए प्रशासन द्वारा बड़े व्यवसायियों और उद्योगपतियों से चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में जल्द ही जिला स्तरीय इन्वेस्टमेंट समिट आयोजित की जाएगी, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में शामिल व्यवसायी अर्पित पोद्दार ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा व्यापारियों और अधिकारियों के साथ की गई चर्चा महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद कटनी को खनन और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में 300 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। इसी तरह, आगामी जिला स्तरीय इन्वेस्टमेंट समिट से भी व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दाल व्यापारियों को राहत
इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दाल उद्योग से जुड़े व्यापारियों को दोहरे कराधान (डबल टैक्स) में राहत देने का आश्वासन दिया। इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि कटनी जिले के औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। यह निर्णय न केवल व्यापार को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि मध्य प्रदेश सरकार को राजस्व वृद्धि में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री की इस पहल से कटनी जिले को औद्योगिक और आर्थिक विकास की नई दिशा मिलने की संभावना है, जिससे व्यापारियों, निवेशकों और स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।