छतरपुर जिले के नौगांव तहसील चौराहे पर पानी की टंकी के पास स्थित एक चाय की दुकान में शनिवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग गैस चूल्हे से शुरू होकर सिलेंडर तक पहुंच गई, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि स्थानीय लोगों की सूझबूझ और साहस के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, चाय दुकान संचालक जीतू साहू की दुकान में गैस चूल्हे से अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही देर में आग ने सिलेंडर को भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते दुकान में रखा सामान जलने लगा और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
भीड़ देखती रही, दो युवकों ने दिखाई बहादुरी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें तेज होने के बावजूद अधिकांश लोग दूर खड़े होकर तमाशा देखते रहे। इसी दौरान तहसील चौराहे पर मिस्त्री का काम करने वाले कल्लू विश्वकर्मा और गरौली रोड वार्ड क्रमांक-20 निवासी कृष्णा अहिरवार ने साहस का परिचय दिया। दोनों युवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और सूझबूझ के साथ आग पर काबू पा लिया। उनकी तत्परता के कारण सिलेंडर में विस्फोट नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया।
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लाखों की संपत्ति बची, पुलिस पहुंची मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही नौगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग पर समय रहते नियंत्रण पा लेने से आसपास की दुकानों और अन्य संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों ने दोनों युवकों की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किए जाने की मांग की है।
साहसिक कदम से टला बड़ा हादसा
यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो सिलेंडर विस्फोट होने की आशंका थी, जिससे आसपास की दुकानों और लोगों को भारी नुकसान पहुंच सकता था। कल्लू विश्वकर्मा और कृष्णा अहिरवार की बहादुरी ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।