छिंदवाड़ा में स्कूल तक पहुंचने के लिए हर दिन कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर छात्राओं का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रही छात्राएं आखिरकार सड़क पर उतर आईं। उन्होंने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और साफ कहा कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, उनकी परेशानी खत्म नहीं होगी।
घटना शहर से कुछ किलोमीटर दूर स्थित मेघासिवनी गांव की है। यहां का शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल मुख्य सड़क से करीब आधा किलोमीटर अंदर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने के लिए छात्राओं और शिक्षकों को कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ता है। लगातार हो रही बारिश के कारण यह मार्ग दलदल में बदल गया है। रास्ते में जगह-जगह कीचड़ और पानी भर जाने से छात्राओं का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कई छात्राएं फिसलकर गिर चुकी हैं, जबकि स्कूल पहुंचने में रोजाना काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
वर्षों से मांग, फिर भी नहीं बनी सड़क
ग्रामीणों और छात्राओं का कहना है कि स्कूल तक पक्की सड़क बनाने की मांग कई वर्षों से की जा रही है। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिए गए, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
सुबह छात्राओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। छात्राओं का कहना था कि जब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन पहुंचा, समझाइश के बाद मानीं छात्राएं
प्रदर्शन और चक्काजाम की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। काफी देर तक चली समझाइश के बाद अधिकारियों ने सड़क निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर चक्काजाम खोल दिया।
निजी जमीन होने से फंसा है मामला
जानकारी के अनुसार, स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता निजी भूमि से होकर गुजरता है। रास्ते में किसानों की जमीन होने के कारण शासन वहां सीधे सड़क निर्माण नहीं करा पा रहा है। जब तक संबंधित भूमि मालिक सड़क निर्माण के लिए सहमति नहीं देंगे या भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक सड़क बनना संभव नहीं है। यही वजह है कि वर्षों से यह मामला अटका हुआ है और सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही है।
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बारिश में बढ़ जाती है मुश्किल
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है। छात्राओं की यूनिफॉर्म खराब हो जाती है और कई बार वे गिरकर घायल भी हो जाती हैं। इसके बावजूद मजबूरी में उन्हें इसी रास्ते से स्कूल जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालकर पक्की सड़क बनाने की मांग की है।
क्या बोले अधिकारी?
बीईओ अशरफ खान ने बताया कि स्कूल तक पहुंचने वाला मार्ग निजी भूमि पर है, इसलिए सड़क निर्माण में कानूनी दिक्कतें आ रही हैं। शनिवार को छात्राओं को समझाइश देकर चक्काजाम समाप्त कराया गया है। भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।