दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के जंगलों में लगातार आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। लेकिन, समय पर इस पर काबू नहीं पाया जा पा रहा है। वहीं, अब तेंदूखेड़ा नगर से एक किलोमीटर दूर भटरिया प्लांटेशन में शनिवार शाम अचानक आग लग गई। आग ने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया कि बड़े-बड़े पेड़ भी इसकी चपेट में आ गए। अब तक आधे से अधिक पौधे जलकर खाक हो गया।
वन विभाग के कर्मचारी और मजदूर आग बुझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन उस पर काबू नहीं पाया जा सका। वन विभाग ने नगर परिषद को सूचित कर फायर वाहन की मांग की, लेकिन एक घंटे तक वाहन नहीं पहुंचा। आग की लपटें जहां-जहां से गुजरीं, वहां छोटे पेड़ों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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आग से जल गए कई वर्षों पुराने पेड़
आग लगने से कई प्रजातियों के 5 से 6 वर्ष पुराने पेड़ जल गए। वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि आग लगने का कारण अज्ञात है, लेकिन गर्मी के दिनों में सूखे पत्ते जमीन पर गिर जाते हैं। ऐसे में यदि कोई राहगीर बीड़ी या जलती हुई चीज पत्तों में फेंक देता है, तो आग लगने की घटना हो सकती है।
जंगलों में लगातार लग रही आग
गर्मी की शुरुआत होते ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस आग से जहां जंगल धधक रहे हैं, वहीं वन विभाग की लापरवाही भी उजागर हो रही है। उपवन मंडल के अंतर्गत तारादेही, क्षलौन, तेजगढ़, तेंदूखेड़ा की वन वीटो (संरक्षित वन क्षेत्र) में लगभग एक सप्ताह से लगातार आग लग रही है। इसके बावजूद वन विभाग के पास आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। कर्मचारियों फायर उपकरणों की बजाय झाड़ियों और टहनियों से आग बुझाने का प्रयास करते हैं।
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आग पर काबू पा लिय गया है
डिप्टी रेंजर महेंद्र खरे ने बताया कि आग लगने के दो घंटे बाद इस पर काबू पा लिया गया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद को फायर वाहन भेजने के लिए सूचना दी गई थी, लेकिन वाहन एक घंटे तक नहीं पहुंचा। वहीं, तेंदूखेड़ा रेंजर मेघा पटेल ने कहा कि आग लगने की सूचना मिलते ही मैंने तत्काल स्टाफ को मौके पर भेजा था, जिसके बाद आग पर काबू पा लिया गया।