दतिया जिले के पाराशरी आयुष्मान आरोग्य केंद्र से जुड़ा एक मामला इन दिनों स्वास्थ्य महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.के. वर्मा द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद अब मामला प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने उनाव एवं पाराशरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया था। इस दौरान पाराशरी आयुष्मान आरोग्य केंद्र में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) डॉ. नेहा श्रीवास्तव निरीक्षण के समय केंद्र पर उपस्थित नहीं पाई गईं। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में उनके पिछले 4 दिनों से अनुपस्थित पाई गई जिस पर सीएमएचओ ने नाराजगी जाहिर करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया।
वहीं, इस कार्रवाई के बाद सीएचओ डॉ. नेहा श्रीवास्तव ने सीएमएचओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के समय उनकी ड्यूटी नियमानुसार ग्राम बीकर में लगाई गई थी, जिसका उनके पास ड्यूटी आदेश और लोकेशन के रूप में प्रमाणीकरण मौजूद है। इसके बावजूद उन्हें अनुपस्थित दिखाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। सीएचओ का आरोप है कि सीएमएचओ द्वारा उन्हें बार-बार फोन कर परेशान किया जाता है, अन्य डॉक्टरों से उनके बारे में जानकारी ली जाती है और बिना ठोस कारण के वेतन में कटौती की जाती है।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वेतन निकलवाने के एवज में पैसों की मांग की जाती है। डॉ. नेहा ने यह दावा भी किया कि सीएमएचओ ने उनसे आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि तुम्हें देखकर मेरा दिमाग खराब हो जाता है। सीएचओ ने खुले शब्दों में कहा कि सीएमएचओ की मंशा उनके प्रति ठीक नहीं है और वे अलग-अलग शब्दों में अपमानजनक व्यवहार करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी कथित अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर नाम वायरल करवाया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल मामला आरोपों और जांच के दायरे में है।