दतिया जिले में अव्यवस्थित यातायात और प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर एक युवक की जान पर भारी पड़ गई। इंदरगढ़ क्षेत्र में आए दिन लगने वाले जाम के चलते समय पर इलाज न मिल पाने से करंट की चपेट में आए युवक की मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
थरेट थाना क्षेत्र के पहाड़ी रावत गांव निवासी प्रेमनारायण बघेल मोटर पंप चालू कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें करंट लग गया। परिजन तत्काल घायल हालत में उन्हें इलाज के लिए इंदरगढ़ अस्पताल लेकर निकले, लेकिन बावरी सरकार मंदिर से अस्पताल तक सड़क पर भीषण जाम लगा हुआ था। जाम के कारण ट्रैक्टर आगे नहीं बढ़ पाया, जिससे परिजन प्रेमनारायण को चारपाई पर रखकर पैदल ही अस्पताल की ओर ले जाने को मजबूर हुए।
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काफी मशक्कत के बाद युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जांच और प्राथमिक उपचार के कुछ ही मिनटों बाद उसकी मौत हो गई। अस्पताल के डॉक्टर नितिन द्विवेदी का कहना है कि प्रेमनारायण को जब लाया गया, उससे पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि रास्ते में जाम न होता तो वे समय रहते अस्पताल पहुंच जाते।
मृतक के परिजन वृंदावन बघेल ने बताया कि जाम के कारण चारपाई पर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचने में काफी देरी हो गई, जो जानलेवा साबित हुई। गौरतलब है कि इंदरगढ़ में जाम की समस्या कोई नई नहीं है। इससे पहले भी जाम में एंबुलेंस फंसने और समय पर अस्पताल न पहुंच पाने से मरीज की मौत का मामला सामने आ चुका है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था सुधारने के ठोस प्रयास नहीं किए गए, जिसका खामियाजा आम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।