इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित घाटाबिल्लौद में चंबल नदी पर बने 150 साल पुराने पुल को तोड़ने के दौरान सोमवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुल को ध्वस्त करने की प्रक्रिया के दौरान निर्माण कार्य में लगी एक पोकलैंड मशीन पर पुल का भारी हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार्यस्थल पर हड़कंप का माहौल बन गया।
दरअसल, निर्माण एजेंसी ने काम शुरू होने से पहले “सुरक्षा सर्वोपरि” का दावा किया था। एजेंसी के अनुसार, आसपास की आबादी को ध्यान में रखते हुए पुल को गिराने के लिए विस्फोटकों की बजाय नियंत्रित ब्रिज ब्रेकर तकनीक का उपयोग किया जा रहा था। बुधवार को रेलिंग हटाने के बाद जब मुख्य ढांचे को तोड़ने का काम चल रहा था, तभी यह हादसा हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
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यह ऐतिहासिक पुल करीब 150 वर्षों पुराना है और 15 पिलरों पर टिका हुआ है। लंबे समय से यह क्षेत्र में यातायात की अहम कड़ी रहा है। अब इसकी जगह लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक फोरलेन पुल बनाया जाएगा।
नई परियोजना के तहत 25-25 मीटर चौड़ा फोरलेन ब्रिज तैयार किया जाएगा, जिसे 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, मानसून से पहले नदी के भीतर बेस तैयार करने की योजना बनाई गई है ताकि बारिश के दौरान काम प्रभावित न हो। पुल निर्माण कार्य के चलते प्रशासन ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया है। निर्माण एजेंसी के मुताबिक, अगले 18 महीनों तक लोगों को वैकल्पिक रास्तों से आवागमन करना होगा।