आदिवासी बाहुल्य धार जिले के बाग ब्लॉक स्थित काकड़वा गांव में पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) किरण भाटिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकारी कार्यालय में बैठकर केंद्र सरकार और उसके समर्थकों पर टिप्पणी करने और सोनम वांगचुक का समर्थन करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने आरोपी सीएचओ को सेवा से पृथक (बर्खास्त) करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) भोपाल के मिशन संचालक को पत्र भेजा है।
पहले समझें क्या कहा सीएचओ ने
दरअसल पूरे मामले का वीडियो अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर कर्मचारी किरण भाटिया ने शेयर किया था। मूलत: जावरा निवासी किरण भाटिया ने वीडियों में कहा कि हंसी आ रही है मुझे उन अंधभक्तों पर, जो इतना सब कुछ होने के बाद भी आज भी कह रहे हैं कि मोदी सरकार इज़ द बेस्ट सरकार। मतलब जंतर मंतर में इतना सब कुछ होने के बाद भी, इतना लाठीचार्ज होने के बाद भी उन्हें लग रहा है कि मोदी सरकार तो बेस्ट सरकार है। क्या हिप्नोटाइज किया है यार मोदी जी ने भी लोगों को! सच में सही चीज की पहचान नहीं कर पा रहे हैं वो। उन्हें मतलब मोदी के अगेंस्ट तो जाना ही नहीं है, मोदी इज़ द बेस्ट सरकार। फिर क्यों नहीं आए तुम्हारे मोदी जी? क्यों नहीं आए तुम्हारे मोदी जी सामने? कि अभी भी विदेश यात्रा कर रहे हैं? अभी भी विदेश यात्रा कर रहे होंगे तभी सामने नहीं आ पा रहे हैं वो।
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सरकार से चक्कर में मत पड़ो
इसलिए जाग जाओ अंधभक्तों। तुम्हें रिग्रेट फील ना हो कि फ्यूचर या खुद के लिए या अपने आने वाली जनरेशन के लिए कि हमारे एक गलत डिसीजन की वजह से, एक गलत नेता चुनने की वजह से आज एजुकेशन से लेकर हर चीज के लिए हम कितना गलत कर चुके हैं। हमारे साथ कितना गलत हो चुका है। मैं ना कांग्रेस पार्टी का समर्थन कर रही हू ना भाजपा का। मैं जो बेस्ट हैं, उनका समर्थन कर रही हूं। सोनम वांगचुक जो हमारे देश के लिए, हमारे लिए सही डिसीजन ले रहे हैं, मैं उनके बिल्कुल सपोर्ट में हूं। और मैं अंधभक्तों से कहना चाहती हूं कि अंधभक्त मत बनो, भक्त बन जाओ। हमारे 33 कोटि देवी-देवता हैं। करोड़ नहीं, कोटि देवी-देवता हैं, उनके भक्त बनो ना! शिव जी के बन जाइए आप। आपका जीवन तर जाएगा। अक्ल आ जाएगी आपको कि हम कहां उस मोदी सरकार के चक्कर में पड़े थे। जीवन भी सुधार जाएगा तुम्हारा। तो प्लीज, अंधभक्त मत बनो। भक्त बनो तो ज्यादा सही रहेगा।
भाजपा की आपत्ति
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते ही भारतीय जनता पार्टी ने इसका पुरजोर विरोध किया। भाजपा मंडल अध्यक्ष अमरसिंह सोलंकी ने कहा कि किसी भी शासकीय कर्मचारी द्वारा सरकारी भवन में बैठकर सरकार की आलोचना करना केंद्रीय सिविल सेवा आचरण अधिनियम का सीधा और गंभीर उल्लंघन है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने सीएमएचओ, इंदौर के संयुक्त संचालक और धार जिलाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर सीएचओ को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटाने की मांग की। विवाद बढ़ता देख सीएचओ किरण भाटिया ने सोशल मीडिया से वीडियो हटा लिया। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद सरकार की आलोचना करना नहीं था और उन्होंने अपने कृत्य पर खेद व्यक्त करते हुए क्षमा मांगी है। हालांकि, विभाग इस मामले में ढील देने के मूड में नहीं है। सीएमएचओ डॉ. अनीता सिंगारे ने बताया कि शासकीय सेवा में रहते हुए इस प्रकार का आचरण नियमों के विरुद्ध है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सीएचओ को सेवा से पृथक करने का प्रस्ताव तैयार कर एनएचएम (भोपाल) के मिशन संचालक को पत्र प्रेषित कर दिया गया है।

वीडियो में सीएचओ सरकार को घेरते हुए - फोटो : credit