कुक्षी तहसील में स्थित चूना पत्थर परियोजना के विरोध के दौरान गिरफ्तार दो युवकों की रिहाई को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। उनकी रिहाई की मांग को लेकर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक सुरेंद्र सिंह बघेल सैकड़ों ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे, जहां पुलिस अधिकारियों और विधायक के बीच तीखी बहस हुई। लगभग 45 मिनट तक चली इस चर्चा में पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करने की बात दोहराई।
दरअसल, राजस्थान की श्री सीमेंट कंपनी को कुक्षी तहसील के कई गांवों में चूना पत्थर की खोज के लिए लीज दी गई है। 19 फरवरी को कंपनी द्वारा कार्य शुरू करने के प्रयास के दौरान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था और इस दौरान पुलिस-प्रशासन के वाहनों पर पथराव भी हुआ। घटना के बाद कुक्षी पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिनमें से हाल ही में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
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गिरफ्तारी के विरोध में विधायक सुरेंद्र बघेल करीब 250 ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे और युवकों की तत्काल रिहाई की मांग की। एसडीओपी सुनील गुप्ता और टीआई राजेश यादव ने ग्रामीणों व विधायक से चर्चा की। इस दौरान बघेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन सीमेंट कंपनी के प्रभाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि फैक्ट्री के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाती है, तो उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उनके अनुसार, ग्रामीणों द्वारा विरोध करना जायज है।
विधायक बघेल ने यह भी कहा कि जिला कलेक्टर ने ग्राम मोगरा में आयोजित चौपाल में आश्वासन दिया था कि ग्रामीणों की अनुमति के बिना कोई कार्य नहीं होगा। इसके बावजूद बिना पूर्व सूचना के पुलिस बल के साथ ड्रिलिंग शुरू करने की कोशिश की गई, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।
उन्होंने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह गिरफ्तारी का डर दिखाकर ग्रामीणों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबा रहा है। बघेल ने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार युवकों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो ग्रामीण बड़ी संख्या में थाने पहुंचकर सामूहिक गिरफ्तारी देंगे।