डिंडौरी जिले के बजाग तहसील मुख्यालय में जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। यहां वर्षों से निजी मकान में संचालित हो रहे विभागीय कार्यालय पर मकान मालिक ने ताला जड़ दिया है। बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा पिछले 14 महीनों से मकान का किराया नहीं चुकाया गया था, जिससे नाराज होकर मकान मालिक ने यह कदम उठाया।
जानकारी के अनुसार बजाग में वर्ष 2016 से निजी भवन में जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय कार्यालय का संचालन किया जा रहा था। विभाग ने करीब एक माह पहले कार्यालय को तहसील भवन के एक कमरे में शिफ्ट कर दिया, लेकिन पुराने भवन का बकाया किराया अदा नहीं किया गया। मकान मालिक का आरोप है कि बिना किराया चुकाए ही विभाग ने कार्यालय खाली कर दिया और सरकारी दस्तावेजों सहित कई सामान भवन में ही छोड़ दिए गए।
किराया नहीं मिलने से परेशान मकान मालिक ने आखिरकार भवन में ताला लगा दिया। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। मकान मालिक अब किराया पाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
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इधर, जिस तहसील भवन में जल संसाधन विभाग का कार्यालय शिफ्ट किया गया है, वहां भी व्यवस्थाएं बदहाल बताई जा रही हैं। कर्मचारियों के अनुसार कार्यालय के लिए उपलब्ध कराए गए कमरे में पंखा तक खराब पड़ा हुआ है। इतना ही नहीं, कार्यालय में एसडीओ के अलावा अन्य कोई नियमित स्टाफ मौजूद नहीं रहता, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय कार्यालयों की यह स्थिति लापरवाही को उजागर करती है। निजी भवन का किराया लंबे समय तक लंबित रहना और समय पर भुगतान नहीं होना विभागीय जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर रहा है।
इस मामले में जल संसाधन विभाग के एसडीओ राजकुमार अहिरवार ने कहा कि किराया भुगतान की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही बकाया राशि जमा करा दी जाएगी। हालांकि मकान मालिक का कहना है कि उन्हें लंबे समय से केवल आश्वासन ही मिल रहा है, जबकि आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है।