गुना शहर की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब अपनी उपज बेचने पहुंचे किसानों ने नकद भुगतान की कमी को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों का आरोप था कि फसल बेचने के बाद उन्हें मात्र 10 हजार रुपये ही नकद दिए जा रहे हैं, जबकि शेष राशि बैंक खातों में RTGS के माध्यम से भेजी जा रही है। नकदी की इस सीमित व्यवस्था से नाराज किसानों ने मंडी में चल रही नीलामी प्रक्रिया रुकवा दी, जिससे कुछ समय के लिए मंडी का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।
जानकारी के अनुसार, इन दिनों मंडी में किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि मंडी परिसर के साथ-साथ दशहरा मैदान तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। किसानों को अपनी फसल की नीलामी के लिए दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में शादी-विवाह का सीजन चल रहा है और उन्हें तत्काल नकदी की आवश्यकता है। दैनिक खर्चों के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए भी नकद राशि जरूरी है। ऐसे में केवल 10 हजार रुपये नकद मिलना उनकी जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। वहीं, RTGS के जरिए भेजी जा रही राशि भी दो से तीन दिन बाद खाते में पहुंचती है, जिससे समय पर पैसे का उपयोग करना मुश्किल हो रहा है।
दूसरी ओर, व्यापारियों ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि बैंकों से पर्याप्त नकदी नहीं मिल पा रही है। इसी कारण वे किसानों को पूरा भुगतान नकद में देने में असमर्थ हैं और शेष राशि डिजिटल माध्यम से भेजनी पड़ रही है।
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मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम शिवानी पांडे, तहसीलदार, मंडी सचिव और कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने मंडी कार्यालय में किसानों और व्यापारियों से अलग-अलग चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान निकालने का प्रयास किया। इस दौरान लीड बैंक मैनेजर को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि नकदी और भुगतान से जुड़ी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके।
लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि अब किसानों को 25 हजार रुपये तक की राशि नकद दी जाएगी, जबकि शेष भुगतान RTGS के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि बैंक उसी दिन RTGS की गई राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर करेगा, जिससे किसान समय पर पैसा निकाल सकें।
इसके अलावा, मंडी में अव्यवस्था को देखते हुए एसडीएम ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने पाया कि मंडी में केवल एक ही गेट खुला होने के कारण आवागमन बाधित हो रहा है। इस पर मंडी सचिव को तत्काल दोनों गेट खोलने के निर्देश दिए गए, ताकि एक गेट से वाहनों का प्रवेश और दूसरे से निकास सुनिश्चित हो सके। प्रशासन के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद दोपहर में मंडी की नीलामी प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई। फिलहाल स्थिति सामान्य है।