ग्वालियर शहर को दहला देने वाले बहुचर्चित भोला सिकरवार हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के मुख्य आरोपी और 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश बंटी भदौरिया को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी एक छोटे मगर नाटकीय एनकाउंटर के दौरान की गई, जिसमें पुलिस की जवाबी फायरिंग में बंटी के पैर में गोली लगी और उसे घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ग्वालियर पुलिस को लंबे समय से इस मामले में फरार चल रहे बंटी भदौरिया की तलाश थी। सूचना मिली कि वह उटीला थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, बंटी ने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने संयम के साथ गोलियां चलाईं, जिससे एक गोली बंटी के पैर में जा लगी। घायल अवस्था में भी बंटी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। 2 जून की शाम को ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र में खलबली मच गई थी जब बदमाशों ने घर के बाहर बैठे भोला सिकरवार और उसके दोस्त पवन श्रीवास पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में भोला की मौत हो गई, जबकि पवन गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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जांच में सामने आया कि हत्या की वजह सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट थी, जिससे दोनों गुटों के बीच तनाव गहराया। भोला सिकरवार की हत्या से पहले भी बंटी भदौरिया ने ग्वालियर थाना क्षेत्र में एक युवक को उसके घर में घुसकर गोली मारी थी। वह हत्या के प्रयास समेत कई मामलों में फरार चल रहा था। भोला की हत्या के बाद, जब पुलिस उसे पकड़ने के लिए गुड़ा नाके पर पहुंची, तब भी उसने पुलिस पर गोलियां चलाईं और भागने में सफल रहा। लेकिन आखिरकार उसकी आपराधिक यात्रा का अंत हुआ जब पुलिस ने उसे उटीला में पकड़ लिया। बंटी भदौरिया पर दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, जबरन वसूली, रंगदारी, और गैंगवार जैसी संगीन धाराएं शामिल हैं। भोला सिकरवार हत्याकांड में पुलिस ने अब तक कुल आठ आरोपियों को नामजद किया है। इनमें से चार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है।
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पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। गौरतलब है कि भोला सिकरवार खुद भी कोई साधारण नागरिक नहीं था। उस पर भी एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। वह भी बंटी भदौरिया की ही तरह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा था। सोशल मीडिया पर वर्चस्व और बदला लेने की प्रवृत्ति ने इस हत्या को अंजाम तक पहुंचाया। अब बंटी भदौरिया को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की जाएगी ताकि हत्या की पूरी साजिश, बाकी आरोपियों की साजिश और हथियारो कि सप्लाई चैन को पकड़ कर फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर सके।