उज्जैन शहर का जीरो पॉइंट ओवरब्रिज अब धीरे-धीरे "सुसाइड पॉइंट" बनता जा रहा है। इस पुल से आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे क्षेत्रवासी और पुलिस प्रशासन दोनों चिंतित हैं। रविवार शाम एक बार फिर इसी पुल पर आत्मघाती कदम उठाने पहुंचे युवक को पुलिस और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बचा लिया गया।
घटना देवासगेट थाना क्षेत्र की है, जहां एक युवक फ्रीगंज के जीरो पॉइंट ओवरब्रिज पर रेलिंग चढ़कर नीचे कूदने की कोशिश कर रहा था। युवक नशे की हालत में था और खुद को गुना बीना का निवासी बता रहा था। इसी दौरान हीरामील की चाल के कुछ स्थानीय लोगों ने युवक को देखा और तत्काल उसे पकड़ लिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची देवासगेट पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए युवक को सुरक्षित नीचे उतारा और थाने ले गई।
हालांकि युवक ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाना चाहता था, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर इस ओर ध्यान आकर्षित कराया है कि जीरो पॉइंट ओवरब्रिज आत्महत्या का अड्डा बनता जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में यहां से कूदने की दर्जनों घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
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8 अगस्त 2024 की घटना ने किया था सबको विचलित
जीरो पॉइंट ओवरब्रिज से आत्महत्या की घटनाओं में 8 अगस्त 2024 की घटना खास चर्चा में रही थी। उस दिन प्रिया बैरागी नाम की छात्रा ने अपने जन्मदिन के दिन ही पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। दुखद यह था कि आत्महत्या से पहले उसने अपने शिक्षक से 12वीं कक्षा में टॉप करने का आशीर्वाद लिया था, लेकिन घर लौटते समय पुल से छलांग लगा दी।
प्रशासन के लिए चेतावनी की घंटी
इस पुल से लगातार आत्महत्या की घटनाएं सामने आने के बावजूद अभी तक कोई प्रभावी रोकथाम नहीं की गई है। अब तक एक दर्जन से अधिक लोग इस पुल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि प्रशासन को अब जल्द से जल्द ओवरब्रिज पर सुरक्षा व्यवस्था, जैसे हाई रेलिंग, CCTV कैमरे और गश्त व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।