हरदा जिले के सिराली नगर में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं और व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों और स्मार्ट मीटरों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी के विरोध में जिला फुटकर व्यापारी संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं और व्यापारियों ने कलेक्टर एवं तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपकर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उपभोक्ताओं की असहमति के बावजूद लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं की स्पष्ट असहमति के बावजूद स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य कर रहा है। इससे आम लोगों में असंतोष और नाराजगी का माहौल बन गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई गुना बढ़े बिजली बिल
ज्ञापन में बताया गया कि पिछले कुछ महीनों से उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि पहले जहां उनका मासिक बिजली बिल 300 से 400 रुपये के बीच आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई गुना अधिक राशि के बिल जारी किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग की मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि बिलों में भारी विसंगतियां देखने को मिल रही हैं, जिससे आम उपभोक्ता आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
26 हजार रुपये से अधिक का बिल मिलने पर बढ़ा आक्रोश
ज्ञापन में एक उपभोक्ता को 26 हजार 997 रुपये का बिजली बिल मिलने का उल्लेख किया गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह राशि वास्तविक बिजली खपत की तुलना में बेहद अधिक है। ऐसे मामलों के कारण लोगों में भय और असंतोष का माहौल बन गया है तथा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिना सूचना बिजली कटौती पर भी जताई नाराजगी
स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिलों के अलावा लोगों ने बिना पूर्व सूचना के रात के समय बिजली कटौती किए जाने पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि अचानक बिजली बंद होने से घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, जबकि विभाग की ओर से इसकी कोई पूर्व जानकारी नहीं दी जाती।
पुराने मीटर लगाने और बिलों की जांच की मांग
व्यापारी संघ और उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाए जाएं। साथ ही विवादित बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उनका संशोधन किया जाए। उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की भी मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों और उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के व्यापारी और आम नागरिक संयुक्त रूप से बड़ा जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं को राहत दिलाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।