इंदौर में पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग थाना क्षेत्रों में झपटमारी और लूट की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन वारदातों की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मेरठ के एक गिरोह का सुराग लगाया और राजस्थान के उदयपुर से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इंदौर के राजेंद्र नगर और भंवरकुआं थाना क्षेत्रों में कई लूट और झपटमारी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के एक फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह रिंग रोड से भंवरकुआं की ओर जा रहा था, तभी कुछ युवकों ने उसकी कार रोककर कहा कि उसकी गाड़ी से एक्सीडेंट हो गया है। जैसे ही उसने कार का शीशा नीचे किया, अन्य बदमाश भी वहां पहुंच गए और विवाद करने लगे। इसी दौरान एक आरोपी कार में रखा करीब एक लाख रुपये कीमत का मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया।
पढ़ें: उज्जैन में फिर सक्रिय हुआ बम धमकी देने वाला, युवक को पाकिस्तानी नंबर से मिली चेतावनी; क्या कहा?
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने झपटमारी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी तरह की घटनाएं शहर के अन्य थाना क्षेत्रों से भी सामने आने लगीं। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध कार दिखाई दी, जिसका उपयोग आरोपी वारदातों में कर रहे थे। कार की नंबर प्लेट दिल्ली की होने पर पुलिस ने दो विशेष टीमें गठित कीं।
जांच में पता चला कि आरोपी राजस्थान के उदयपुर में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उदयपुर से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 30 से अधिक मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी इंदौर के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र के कई शहरों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य मामलों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।