मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया, जिसमें सबसे अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में दबिश देकर 125 व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए। इन संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की भी तैनाती की गई।
संयुक्त अभियान में 20 टीमों की तैनाती
अधीक्षक अभियंता संजय अरोरा के अनुसार, शहर के उन इलाकों को चिन्हित किया गया जहां बिजली चोरी, लाइन लॉस और राजस्व वसूली की समस्या सबसे अधिक थी। इन स्थानों पर विजिलेंस टीम और पुलिस प्रशासन के सहयोग से कार्रवाई की गई। 20 टीमों का गठन किया गया, जिसमें महिलाओं को विशेष रूप से शामिल किया गया था। हनुमान ताल और गोहलपुर थाना पुलिस ने भी अभियान में सहयोग दिया।
मुख्य आरोप और कानूनी कार्रवाई
जांच के दौरान मीटर से छेड़छाड़, न्यूट्रल कंट्रोल और सर्विस लाइन से छेड़छाड़ जैसे मामले सामने आए। इसके तहत दोषियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 126 और 138 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।
बिजली चोरी से भारी नुकसान
जिले में विद्युत लाइन लॉस 24% है, जबकि इन प्रभावित क्षेत्रों में यह दर 50-60% तक पहुंच गई थी। जबलपुर में बिजली बिल की प्रति यूनिट कैश वसूली दर 5.15 रुपये है, जबकि इन क्षेत्रों में यह दर मात्र 2 रुपये से भी कम पाई गई। इस अभियान का उद्देश्य बिजली चोरी पर रोक लगाना और बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना है।