मध्यप्रदेश के कटनी जिले के कैमोर में दिनदहाड़े हुई नीलू रजक की हत्या ने जिस तरह कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया था, अब वही मामला प्रशासनिक सख्ती के निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। हत्या के मुख्य आरोपी अकरम और जोसेफ पर अब पुलिस ही नहीं, बल्कि प्रशासन का बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है।
दरअसल, 28 अक्टूबर को कैमोर नगर परिषद क्षेत्र के एसीसी गेट और बैंक के सामने उस वक्त सनसनी फैल गई थी। जब दो बाइक सवार बदमाशों ने गौ रक्षक और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मंडल अध्यक्ष नीलू उर्फ नीलेश रजक पर बेहद करीब से गोलियां चला दी थीं। सिर और सीने में गोली लगने से नीलू रजक की मौके पर ही मौत हो गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे कैमोर को दहला दिया था। हत्या के बाद कैमोर ही नहीं, बल्कि पूरा कटनी जिला करीब तीन दिनों तक प्रदेश की सुर्खियों में बना रहा।
वही गौ रक्षक की हत्या को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। समर्थकों ने सड़कें जाम कीं, विरोध प्रदर्शन हुए और इलाके में तनावपूर्ण हालात बन गए। मौजूदा स्थिति को काबू में करने के बीच पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। जांच में यह साफ हुआ कि यह कोई तात्कालिक विवाद नहीं था, बल्कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और व्यावसायिक विवाद की गहरी साजिश छिपी हुई थी। कटनी पुलिस की जांच में मुख्य आरोपी अकरम खान और जोसेफ के नाम सामने आए, जिसकी पूछताछ में खुलासा हुआ कि नीलू रजक और अकरम के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो धीरे-धीरे दुश्मनी में बदल गया और अंततः साजिशन हत्या को अंजाम दिया गया।
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हत्याकांड के बाद एसपी की गठित एक टीम ने कजरवारा के पास दोनों आरोपियों को गोलाबारी मुठभेड़ के बीच शॉर्ट एनकाउंटर करते हुए गिरफ्तार किया था। बता दें नीलू रजक हत्याकांड के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी गरमाया। शुरुआती दौर में इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशें हुईं, लेकिन पुलिस ने साफ किया कि हत्या का कारण व्यक्तिगत और व्यावसायिक रंजिश ही है।
अब घटना को करीब दो महीने बीत जाने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अकरम और जोसेफ के अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर कैमोर नगर परिषद द्वारा पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था। नोटिस के बाद आज नगर परिषद और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम अमरैया पार क्षेत्र में स्थित मुख्य आरोपी अकरम के घर को तोड़ने की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची। जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने मौके पर नगर परिषद के सीएमओ, एसडीएम विवेक गुप्ता, पांच कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और कटनी-जबलपुर से बुलाए गए करीब 70 पुलिसकर्मियों का अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे कटनी पुलिस ने पूरे कैमोर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कलेक्टर आशीष तिवारी का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी सख्ती जारी रहेगी।