मध्यप्रदेश में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जहां एक ओर उज्जैन में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं, वहीं खंडवा जिला भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा के भीतर पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
इसी संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ से जुड़े सभी विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में पूर्ण हों। साथ ही, ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
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कलेक्टर ने बताया कि जहां-जहां पार्किंग व्यवस्था विकसित की जानी है, वहां कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसके अलावा, ओंकारेश्वर और ममलेश्वर क्षेत्र में मौजूद अतिक्रमणों को चिन्हित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई भी आगामी दिनों में की जाएगी।
इस बीच ओंकारेश्वर से लोधा लौवंशी क्षत्रिय समाज के सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचे और अपने अन्न क्षेत्र को विस्थापित नहीं किए जाने की मांग उठाई। समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि लगभग 30-35 वर्ष पूर्व झूला पुल के पास परमार्थ कार्यों के उद्देश्य से अन्न क्षेत्र का निर्माण कराया गया था, जहां साधु-संतों और नर्मदा परिक्रमा यात्रियों के ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था की जाती है।
समाज का कहना है कि हाल ही में स्थानीय एसडीएम द्वारा उक्त भवन को विस्थापित करने की योजना की जानकारी दी गई है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर समाज के सदस्य जिला प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखने पहुंचे।