प्रदेश में इन दिनों अच्छी बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते प्रदेश भर के नदी नाले उफान पर हैं। इससे यहां की मुख्य नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ने लगा है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी 3 से 4 दिन तक बारिश से राहत मिल सकती है। प्रदेश के निमाड़ अंचल में भी रविवार को हुई करीब 10 घंटे की हल्की बारिश के बाद खंडवा जिले के पुनासा तहसील स्थित इंदिरा सागर बांध के जलाशय में भी 350 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी भर चुका है, जिसके चलते अब इस बांध का जलस्तर 258.25 मीटर तक हो गया है। इसके बाद एशिया की दूसरी सबसे बड़ी जल भराव क्षमता रखने वाले इंदिरा सागर बांध का जलस्तर अब अपनी पूर्ण क्षमताओं की ओर अग्रसर है।
नर्मदा कछार क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से जहां एक ओर बरगी बांध के लबालब होने के बाद बरगी बांध के गेट खोलकर भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, तो वहीं दूसरी ओर तवा बांध के भी गेट खोल दिए गए हैं। इसके चलते निमाड़ के इंदिरा सागर बांध का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। रविवार सुबह 8 बजे तक जहां इस जलाशय में 5991 एमसीएम पानी का भराव था, तो वही शाम होते-होते करीब 6 बजे तक यहां का जलस्तर 350 एमसीएम से बढ़ते हुए 6341 एमसीएम तक पहुंच गया था। बता दें कि इंदिरा सागर जलाशय की जल भराव क्षमता कुल 9750 एमसीएम है। इसके चलते अभी यह करीब एक तिहाई 3409 एमसीएम खाली है। वहीं अभी इंदिरा सागर बांध का जलस्तर लगभग 258 मीटर से कुछ ही ऊपर है। जबकि इस जलाशय की कुल जल भराव क्षमता 262.13 मीटर है। तो वहीं इंदिरा सागर बांध को अगस्त माह तक मात्र 260 मीटर तक ही भरना होता है, और इससे ऊपर लेवल होने पर बांध के गेट खोले जा सकते हैं।
अभी इंदिरा सागर बांध के पावर हाउस से आठों टरबाइन चला कर 1000 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, और 1840 क्युमेक्स पानी की निकासी यहां से की जा रही है। इसके चलते यहां से छोड़े जा रहे पानी से ओंकारेश्वर बांध का जल स्तर भी लगातार बढ़ने लगा है। जो कि रविवार को 195 मीटर तक पहुंच चुका है। तो वहीं ओम्कारेश्वर बांध की जल भराव क्षमता कुल 196.60 मीटर है। इसे देखते हुए यहां भी जल स्तर बनाए रखने के लिए लगातार 8 टरबाइन चलाई जा रही हैं।
ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर डैम के जल्द ही खोले जा सकते हैं गेट।
ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर डैम के जल्द ही खोले जा सकते हैं गेट।