देशभर मे भले ही स्वतंत्रता दिवस पर्व 12 दिन बाद यानी की 15 अगस्त को धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन धार्मिक नगरी उज्जैन में इस पर्व को आज ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान न सिर्फ एक यात्रा निकाली गई, बल्कि पूजन अर्चन के बाद विश्व के सबसे बड़े गणेश मंदिर में तिरंगा ध्वज भी लहराया गया।
देश भर में वैसे तो हर त्योहार तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, लेकिन गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर्व हमेशा ही तारीख के हिसाब से मनाया जाता है, परन्तु धार्मिक नगरी उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास विश्व का सबसे बड़ा गणेश मंदिर स्थित है। यहां पर स्वतंत्रता दिवस पर्व भी श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर ही प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। आज भी इस तिथि पर एक भव्य यात्रा निकाली गई जोकि विभिन्न मार्गों से होती हुई बड़ा गणेश मंदिर पहुंची। यहां यात्रा में उपस्थितजनों ने पहले भगवान श्री गणेश का पूजन अर्चन किया और उसके बाद मंदिर में ही तिरंगा ध्वज लहराकर स्वतंत्रता दिवस पर्व मनाया।

बड़ा गणेश मंदिर में हुए इस आयोजन की जानकारी देते हुए ज्योतिषाचार्य पं. आनंदशंकर व्यास के वंशज अक्षत व्यास ने बताया कि बड़ा गणेश मंदिर में प्रत्येक वर्ष सनातन तिथि के अनुसार ही स्वतंत्रता दिवस ही नहीं बल्कि गणतंत्र दिवस पर्व भी धूमधाम से मनाया जाता है। इस मंदिर की स्थापना गणतंत्र की प्राप्ति के लिए हुई थी इसीलिए हमारा प्रयास रहता है कि हम गणतंत्र दिवस हो या स्वतंत्रता दिवस दोनो ही पर्वों को तिथि के अनुसार मनाए। उन्होंने बताया कि तारीख के अनुसार किसी पर्व को मनाना भले ही कोई गलत मानता हो या नहीं लेकिन हम सनातन हिंदू परंपरा को मानने वाले लोग हैं। इसीलिए बड़ा गणेश मंदिर में प्रत्येक पर्व को तिथि के अनुसार ही मनाते हैं। बताया कि 15 अगस्त 1947 के दिन श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी थी इसीलिए 3 अगस्त को हमने इसी तिथि पर स्वतंत्रता दिवस मनाया है। भले ही देश आजादी का पर्व 15 अगस्त को मनाया जाए लेकिन बड़ा गणेश मंदिर पर तिथि के अनुसार पर्व मनाने की जो परंपरा चलती आ रही है वह सदैव चलती रहेगी।
परंपरा का निर्वहन होता देख खुश हो गए श्रद्धालु
जिस समय बड़ा गणेश मंदिर में स्वतंत्रता दिवस पर मनाया जा रहा था उसे समय मंदिर के बाहर बाबा महाकाल के दर्शन कर लूट रहे श्रद्धालु इस आयोजन को देख रहे थे। ऋषिकेश से आई पूजा शर्मा ने बताया कि हमें अब तक सिर्फ यही जानकारी थी की स्वतंत्रता दिवस पर सिर्फ 15 अगस्त को मनाया जाता है लेकिन बड़ा गणेश मंदिर पर तिथि के अनुसार भी इस पर्व को मनाया जा रहा है जो हमारे सनातन धर्म के लिए लिए गर्व की बात है। आपने बताया कि मातृभूमि का सम्मान होना चाहिए लेकिन धार्मिक नगरी उज्जैन में तिथि के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है यह देखकर मुझे काफी अच्छा लगा।