मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत बाल संप्रेषण गृह से 6 बच्चों के भागने का बड़ा मामला सामने आया है। यह सभी बच्चे गुरुवार सुबह करीब 6 बजे सम्प्रेषण ग्रह के बाथरूम का दरवाजा तोड़कर उसकी छत से होकर भागे हैं। इनमें से 5 बाल अपचारी खरगोन जिले के और एक बालक बुरहानपुर जिले का निवासी हैं। इन सभी की उम्र लगभग 16 वर्ष से लेकर 17 वर्ष के नजदीक है। इनमें से पांच बाल अपचारी पॉस्को जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त हैं, तो वहीं एक बाल अपचारी पशु चोरी के मामलों में संप्रेषण गृह में रह रहा था। इसी दौरान इन सभी की दोस्ती हुई और गुरुवार सुबह टॉयलेट जाने के बहाने से यह सभी कमरे से बाहर निकले और वहां से भाग निकले। फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पुलिस को इस मामले में सुराग भी हाथ लगे हैं। जिससे जल्द ही सभी को एक बार फिर से पकड़ लिया जाएगा।
दो जवान निलंबित
इसके पूर्व भी तीन से चार बार यहां से इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आज फिर से हुई यह घटना से विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एडीएम केआर बडोले और सीएसपी अभिनव बारंगे ने पहुंचकर घटना की गम्भीरता और लापरवाही के कारणों की जांच की। उसके बाद घटना के समय तैनात होम गार्ड के दो जवानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
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बाथरूम की दीवार में किया छेद
बताया जा रहा है कि ये सभी 6 बाल अपचारी बाथरूम की दीवार तोड़कर भागे हैं। पहले तो इन बाल अपचारियों ने सुधार ग्रह की बाथरूम की दीवार में छेद किया, जिससे बाहर निकलकर सुधार गृह की बाउंड्री वॉल कूदकर भाग गए। यह घटना सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। भागे बाल अपचारियों में पांच खरगोन जिले के और एक बुरहानपुर जिले का है। घटना के बाद पुलिस ने भागे हुए बाल अपचारियों की सर्चिंग के लिए उनके घर, परिवार, रिश्तेदारों के घर टीम रवाना की है। इनमें से पांच बाल अपचारी खरगोन में बालिकाओं से छेड़छाड़ और पॉस्को जैसी गंभीर धाराओं में आरोपित हैं, जबकि एक बुरहानपुर जिले का बालक गोवंश तस्करी के आरोप में संप्रेक्षण गृह में था।
तीन माह पूर्व भी भागे थे पांच बालक
बता दें कि करीब तीन माह पहले भी संप्रेषण गृह से पांच बच्चे भाग गए थे, जिनमें से केवल तीन ही बरामद किए जा सके थे, जबकि दो अब तक लापता हैं। हालिया घटना में फरार हुए छह बालकों में पांच खरगोन जिले के और एक बुरहानपुर क्षेत्र का है। हर बार बच्चों के भागने का तरीका लगभग समान है। वे बाथरूम की दीवार या खिड़की तोड़कर भाग निकलने में कामयाब हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि विभाग ने पहले की घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया और सुरक्षा इंतजाम केवल कागजों पर सीमित हैं।