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Khandwa News: शकर तालाब में बुलडोजर एक्शन से पहले पहुंचीं महापौर की बदबू से हालत खराब, लोग बोले-हम कैसे रह रहे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: खंडवा ब्यूरो Updated Fri, 21 Feb 2025 04:45 PM IST
मध्य प्रदेश के खंडवा नगर के शकर तालाब क्षेत्र में रहने वाले करीब 350 से अधिक मकानों पर इन दिनों जिला प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई की आहट बनी हुई है। जिसके चलते यहां रह रहे परिवार इस समय अपने मकान टूटने के डर से घुट-घुट कर जिंदगी जी रहे हैं। हालांकि इन पीड़ितों से मिलने शुक्रवार दोपहर महापौर अमृता यादव पहुंची थीं, लेकिन महापौर ने भी पीड़ितों की मदद से पल्ला झाड़ते हुए, जिला कलेक्टर के पास जाने की बात उनसे मिलने पहुंची महिलाओं को कह दी। इससे पीड़ित परिवारों के आशियाने बचने की रही सही आस भी टूट गई। यहां पहुंची महापौर अमृता यादव ने इस बस्ती से गुजर रही नवनिर्मित सड़क का पैदल निरीक्षण भी किया, लेकिन अपनी गाड़ियों से उतरकर पैदल चलते समय, क्षेत्र से उठने वाली बदबू से निगम महापौर की भी तबीयत खराब होते दिखाई दी और उन्हें उल्टी आने लगी। जिससे बचने वे मुंह पर रुमाल रखते हुए, तुरंत ही अपनी गाड़ी में बैठकर निगम आयुक्त संग यहां से रवाना हो गईं।
मकान टूटने के डर से जी रहे घुट-घुट के जिंदगी
महापौर के निरीक्षण के दौरान उनसे बात करने वाली महिला सालेहा परवीन ने बताया कि अभी महापौर यहां आई थीं। जिनसे उन्होंने पूछा कि यहां रोड तो बन चुका है। अब किस चीज की यहां दिक्कत आ रही है। हम लोग मकान टूटने के डर से रोज घुट-घुट के जिंदगी जी रहे हैं कि अभी आएंगे और मकान तोड़ देंगे। इस टेंशन में यहां लोग खाना तक नहीं बना रहे हैं। तब महापौर ने हमें जवाब दिया कि तुम लोग कलेक्टर साहब के पास गए थे। अब वहीं यहां आकर पहले निरीक्षण करेंगे, फिर लाइन डालेंगे। हमने महापौर से कहा भी कि हम गरीब लोग हैं। हमारे पास जमीन होती तो हम यहां नजूल की जमीन पर नहीं रहते और शहर में केवल हम ही नहीं बहुत जगह पर इसी तरह से लोग रह रहे हैं। जिन्हें पट्टे भी दे दिए गए हैं। हम सरकारी काम में बाधा नहीं डालेंगे। यहां हम 350 परिवार हैं, जिनमें से 250 से अधिक परिवारों को अब तक नोटिस मिल चुके हैं।
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