मध्यप्रदेश के खंडवा में पानी मांगने पर दर्ज हुई एफआईआर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर मंगलवार शाम को कांग्रेस नेताओं का एक दल कलेक्टर से मिलने पहुंचा, लेकिन कलेक्टर केबिन से बाहर नहीं आए। इससे भड़के कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया और बिना ज्ञापन दिए लौट आए। उन्होंने कहा कि हम क्या कोई चोर-उचक्के हैं, जो कलेक्टर उनसे नहीं मिल रहे। वहीं, जिला कलेक्टर ने कहा कि आने वाले दिनों में नई पाइपलाइन डलने से जल संकट की समस्या से निजात मिल जाएगी।
दरअसल, खंडवा में रविवार को आठ लोगों पर पानी के लिए चक्काजाम करने के मामले में एफआईआर की गई है। एफआईआर में आम लोगों के साथ दो कांग्रेसी नेताओं के भी नाम हैं। इसी को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर से समय लेकर मिलने पहुंचा था, लेकिन कलेक्टर उनसे मिलने चैंबर से बाहर ही नहीं आए। इस पर कांग्रेसियों ने कलेक्टर के दरवाजे के बाहर जमकर हंगामा किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नर्मदा जल की सप्लाई करने वाली कंपनी 'विश्वा' के खिलाफ भी गुस्सा जताया।
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इस पर भी जब कलेक्टर केबिन से बाहर नहीं आए, तो कांग्रेसियों ने रामधुन गाकर अपना विरोध जताया। इस बीच कलेक्टर ने केवल चार लोगों को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन कांग्रेसियों ने इस पर सहमति नहीं दी। उनका कहना था कि वे पूरे जिले की समस्या लेकर आए हैं, इसलिए वे चाहते हैं कि जिला कलेक्टर बाहर आकर सभी से मिलें। इस गहमागहमी के बाद भी अंत में कांग्रेसियों को बिना ज्ञापन दिए ही वापस लौटना पड़ा।
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नई पाइपलाइन बिछने से जल संकट से मिलेगी निजात
जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि कुछ लोग पानी की समस्या को लेकर आए थे, जिन्हें बातचीत के लिए अंदर बुलाया गया, पर वे लोग नहीं आए। इसलिए उनकी समस्या क्या थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका। लेकिन, शहर में पीने के पानी की जो समस्या है, उसे नगर निगम देख रहा है। संभवतः वे लोग भी उसी संदर्भ में बातचीत करने आए थे। जल वितरण की समस्या को लेकर कलेक्टर ने बताया कि नई डीआई पाइपलाइन चारखेड़ा से लेकर खंडवा तक बिछाई जा रही है। उसका कार्य नगर निगम द्वारा 15 से 25 दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद पाइपलाइन फूटने के कारण उत्पन्न होने वाली जल संकट की समस्या से निजात मिल जाएगी।