खरगोन के भगवानपुरा क्षेत्र सहित आसपास के पहाड़ी इलाकों में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सिरवेल महादेव का प्राकृतिक झरना भी पूरे वेग के साथ बहने लगा है।
करीब 50 फीट की ऊंचाई से गिरते झरने का अद्भुत दृश्य इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। झरने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसकी प्राकृतिक सुंदरता की जमकर सराहना कर रहे हैं।
मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे बालकदास महाराज ने बताया कि सिरवेल महादेव की प्राकृतिक गुफा में भगवान शिव विराजमान हैं। गुफा के ठीक समीप स्थित यह झरना हर वर्ष बारिश के मौसम में अपने पूरे शबाब पर पहुंचता है। विशेष रूप से श्रावण मास में यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। झरने की गर्जना, हरी-भरी पहाड़ियां और प्राकृतिक वातावरण श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने बताया कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु महादेव के दर्शन के साथ झरने के मनोरम दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करते हैं। यही कारण है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में सिरवेल महादेव धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों का भी प्रमुख आकर्षण बन जाता है।
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सिरवेल महादेव की पहचान केवल खरगोन जिले तक सीमित नहीं है। यह स्थल पूरे मध्य प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के श्रद्धालुओं के बीच भी विशेष आस्था का केंद्र है। महाराष्ट्र की सीमा से सटे होने के कारण सावन के महीने में वहां के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में शिवभक्त यहां जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
लगातार हो रही बारिश से जहां झरने का जलप्रवाह तेज हुआ है, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी।