आध्यात्म और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र धारकुण्डी आश्रम में शनिवार को शोक और आस्था का संगम देखने को मिला, जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आश्रम पहुंचे। उन्होंने आश्रम के अधिष्ठाता रहे ब्रह्मलीन महाराज जी के पार्थिव शरीर के दर्शन कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ब्रह्मलीन महाराज जी का संपूर्ण जीवन समाज को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने उनके त्याग, तपस्या और सादगीपूर्ण जीवन को याद करते हुए कहा कि ऐसे संत समाज को नैतिक दिशा प्रदान करते हैं और उनके विचार सदैव प्रासंगिक रहेंगे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में संत-महात्माओं, अनुयायियों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने संत समाज से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और कुछ समय तक आश्रम के शांत वातावरण में समय बिताया।
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मुख्यमंत्री ने आश्रम प्रबंधन से अंतिम दर्शन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और क्षेत्रवासियों को सांत्वना दी। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हवाई मार्ग से राजधानी भोपाल के लिए रवाना हो गए। ब्रह्मलीन महाराज जी के निधन से पूरे धारकुण्डी क्षेत्र में शोक की लहर है। दूर-दराज से श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए आश्रम पहुंच रहे हैं, जिससे आश्रम परिसर में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश “ब्रह्मलीन महाराज जी ने अपने जीवन से सेवा, साधना और संस्कारों का संदेश दिया। उनका मार्गदर्शन समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।”