Hindi News
›
Video
›
Madhya Pradesh
›
Maihar News: Rs 4.37 crore minor construction scam in government schools, three principals suspended.
{"_id":"69856b8584d45e9000045296","slug":"major-action-taken-in-the-minor-construction-scam-in-maihar-three-principals-suspended-seven-issued-notices-and-a-total-of-nine-employees-suspended-so-far-maihar-news-c-1-1-noi1431-3921201-2026-02-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"Maihar News: शासकीय स्कूलों में 4.37 करोड़ के लघु निर्माण घोटाला, तीन प्राचार्य निलंबित, सात को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maihar News: शासकीय स्कूलों में 4.37 करोड़ के लघु निर्माण घोटाला, तीन प्राचार्य निलंबित, सात को नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर Published by: मैहर ब्यूरो Updated Fri, 06 Feb 2026 12:01 PM IST
Link Copied
मैहर जिले में शासकीय स्कूलों के नाम पर हुए 4 करोड़ 37 लाख रुपये के लघु निर्माण घोटाले में शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। रामनगर विकासखंड में भवन मरम्मत, पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड निर्माण के नाम पर नियम विरुद्ध तरीके से किए गए भुगतान सामने आने के बाद तीन प्राचार्यों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि सात अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
लघु निर्माण कार्यों में हुआ करोड़ों का घोटाला
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कई शासकीय स्कूलों में बिना आवश्यक तकनीकी स्वीकृति, बिना भौतिक सत्यापन और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना निजी फर्मों को भुगतान कर दिया गया। इन कार्यों में भवन मरम्मत, साइकिल स्टैंड और पार्किंग शेड जैसे कार्य शामिल थे, जिनकी वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
तीन प्राचार्यों पर गिरी गाज
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, रीवा संभाग द्वारा जिन तीन प्राचार्यों को निलंबित किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं संकर्षण प्रसाद पाण्डेय, रवीन्द्र सिंह, किरण पटेल आरोप है कि इन प्राचार्यों ने अपने-अपने विद्यालयों में 23 से 25 लाख रुपये तक के फर्जी एवं अनियमित भुगतान निजी फर्मों को किए। निलंबन के बाद तीनों को बीईओ कार्यालय, अमरपाटन से अटैच कर दिया गया है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
इस घोटाले में यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी शिक्षा विभाग द्वारा बीईओ, चार प्राचार्य और एक चपरासी के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार सामने आ रही वित्तीय अनियमितताओं के कारण विभागीय जांच को और गहरा किया गया है।
अब तक 9 कर्मचारी निलंबित
अब तक इस पूरे मामले में कुल 9 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। इनमें विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारी शामिल हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह घोटाला केवल कुछ स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा और भी बड़ा हो सकता है।
जांच का दायरा बढ़ा और कार्रवाई के संकेत
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है।
शिक्षा विभाग की सख्ती से हड़कंप
लगातार हो रही निलंबन की कार्रवाइयों से शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है, जो स्कूलों के विकास के नाम पर हुए इस कथित घोटाले पर जवाब मांग रहे हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।