जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने बुधवार सुबह मंडला में वन विभाग के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी श्वेतांक चौरसिया के घर छापेमार कार्रवाई की। पश्चिम सामान्य वन मंडल, मंडला में पदस्थ चौरसिया के राजराजेश्वरी वार्ड स्थित आवास पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के आधार पर तलाशी ली जा रही है। कार्रवाई के दौरान लाखों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, वाहन, बैंक खातों और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
EOW के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि श्वेतांक चौरसिया के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत EOW जबलपुर को मिली थी। गोपनीय जांच में उनकी आय और व्यय के बीच प्रारंभिक तौर पर करीब 290 प्रतिशत का अंतर सामने आया। इसके बाद मंडला न्यायालय से तलाशी वारंट लेकर बुधवार सुबह उनके घर पर सर्च अभियान शुरू किया गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार चौरसिया की वैधानिक आय करीब 55 से 60 लाख रुपये आंकी गई है। तलाशी के दौरान करीब 50 लाख रुपये की दुकान खरीद से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। EOW को आशंका है कि इस सौदे में बड़ी राशि नकद दी गई और रजिस्ट्री में संपत्ति का मूल्य कम दर्शाया गया। एजेंसी 45 से 50 लाख रुपये के कथित नकद भुगतान की भी जांच कर रही है।
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तलाशी में अब तक घर से करीब 5 लाख रुपये नकद, 150 से 200 ग्राम सोना और 3 से 4 किलोग्राम चांदी मिलने की जानकारी मिली है। इसके अलावा तीन वाहन, एलआईसी पॉलिसियां, चार बैंक खाते और बैंक लॉकर से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। इन सभी संपत्तियों और निवेश का मूल्यांकन किया जा रहा है।
डीएसपी मंजीत सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में आय की तुलना में खर्च करीब 290 प्रतिशत अधिक पाया गया था। तलाशी के दौरान सामने आ रही संपत्तियों और खर्चों के आकलन के बाद यह अनुपात 400 प्रतिशत या उससे अधिक पहुंचने की संभावना है। हालांकि अंतिम आंकड़ा विस्तृत जांच और मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच में यह भी सामने आया है कि चौरसिया की पत्नी ब्यूटी पार्लर संचालित करती हैं। EOW के अनुसार, इस व्यवसाय से होने वाली आय के संबंध में फिलहाल कोई शासकीय रिकॉर्ड, आयकर रिटर्न या संबंधित पंजीयन उपलब्ध नहीं मिला है। पार्लर में मौजूद कॉस्मेटिक सामग्री, ब्राइडल मेकअप उपकरण और अन्य सामान का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।
EOW के मुताबिक, श्वेतांक चौरसिया को करीब 19-20 वर्ष पहले अपने पिता, जो वन विभाग में डिप्टी रेंजर थे, के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। फिलहाल तलाशी कार्रवाई जारी है। टीम दस्तावेजों, बैंक खातों, लॉकर, नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों का उनकी वैधानिक आय से मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आय से अधिक संपत्ति की वास्तविक मात्रा स्पष्ट हो सकेगी।