सुरजनी गांव में 18 फरवरी को हुई कुख्यात आरोपी वाहिद उर्फ भय्यू लाला की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रारंभ में दम घुटने से मौत की कहानी सामने आई थी और परिजनों ने पुलिस पर ही हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन एसआईटी की जांच में मृतक की पत्नी रुखसाना को मुख्य आरोपी पाया गया है। दो अन्य आरोपियों को साक्ष्य से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि रुखसाना फरार है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (गरोठ) हेमलता कुरील ने बताया कि 18 फरवरी 2026 को याकूब पिता बाबर खान निवासी सुरजनी ने सूचना दी थी कि वाहिद उर्फ भय्यू पुलिस के डर से पलंग पेटी में छिपा था और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इस सूचना पर मर्ग क्रमांक 03/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच शुरू की गई। जिला चिकित्सालय मंदसौर में डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मौत दम घुटने से नहीं गोली लगने से हुई है। गोली कान के पीछे लगी और आंख के पास से बाहर निकली। इसके बाद अपराध क्रमांक 83/2026 धारा 103(1) एवं 238(ए) बीएनएस के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देश पर एएसपी टीएस बघेल के मार्गदर्शन में एसआईटी गठित की गई। टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर परिवार से जुड़े 20 से अधिक लोगों से पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में सामने आया कि हत्या मृतक की पत्नी रुखसाना ने की थी। जांच में यह भी सामने आया कि सलमान खान और बबलू खान ने घटना के बाद साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें छिपाने का प्रयास किया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल जब्त कर ली गई है।
पुलिस ने सलमान खान पिता जमाल खान पठान, निवासी सुवासरा हाल मुकाम सुरजनी एवं बबलू खान पिता अब्दुल गनी पठान, निवासी सुरजनी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। मुख्य आरोपी रुखसाना की तलाश जारी है। घटना के बाद मृतक की पत्नी और परिजनों ने पुलिस पर 10 लाख रुपये की मांग और मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया था। परिजनों का दावा था कि पुलिस घर से सीसीटीवी का डीवीआर भी ले गई थी। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को शुरुआत से ही खारिज किया था। एसआईटी जांच में भी इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
कौन था भय्यू लाला
वाहिद उर्फ भय्यू लाला जिले का हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात ड्रग्स माफिया था। वर्ष 2003 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय भय्यू पर लूट, डकैती, हत्या के प्रयास और मादक पदार्थ तस्करी के एमपी राजस्थान के कई थानों में 19 गंभीर प्रकरण दर्ज थे। उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। मध्यप्रदेश के मंदसौर-नीमच के अलावा राजस्थान के कोटा-जोधपुर और महाराष्ट्र के मुंबई-ठाणे में भी वह वांछित था। जनवरी 2026 में मुंबई में 23 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए आरोपी के तार मंदसौर से जुड़े पाए गए थे। इसके बाद विभिन्न राज्यों की पुलिस ने सुरजनी में दबिश दी, लेकिन भय्यू फरार हो गया था। बाद में जावरा से उसके साथियों के पास से 10 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की गई थी, जिसमें भी उसका नाम सामने आया था।

वाहिद उर्फ भय्यू लाला की हत्या के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार