जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां सबलगढ़ थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रामबाबू निबोरिया का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के आधार पर उन पर आरोपियों से जमानत प्रक्रिया के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार एक गांव में पानी के रिंग (रिंगा) को लेकर हुए विवाद में मनीष माहौर समेत कुछ लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि जब आरोपी नोटिस पर छोड़े जाने की प्रक्रिया के लिए थाने पहुंचे, तब ASI रामबाबू निबोरिया ने उनसे कथित तौर पर कहा कि या तो जेल जाओ या फिर पैसे देकर यहीं से छूट जाओ।
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बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने पूरी बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया। इसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो सामने आने के बाद मुरैना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने मामले में संज्ञान लिया और प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए ASI रामबाबू निबोरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि विभागीय जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटनाक्रम ने पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।