नर्मदापुरम के रसूलिया इलाके से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। रोज़मर्रा के नाश्ते के नाम पर बच्चों और आम लोगों के स्वास्थ्य से खुला खिलवाड़ किया जा रहा था। जिन ब्रेड और टोस्ट को परिवार भरोसे के साथ अपने घर ला रहे थे, वही उत्पाद गंदगी और घोर लापरवाही के बीच तैयार हो रहे थे।
सोमवार देर रात खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ॐ साईं राम बैकरी एवं पेटिस पार्लर में छापा मारा। अंदर का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। उत्पादन स्थल पर चारों ओर धूल, गंदगी और बदबू फैली हुई थी। दीवारों पर मकड़ी के जाले लटक रहे थे और उसी माहौल में बच्चों के लिए ब्रेड और पाव तैयार किए जा रहे थे। कई खाद्य पदार्थ खुले में रखे मिले कुछ अखबार पर तो कुछ मैले कपड़ों से ढंके हुए। साफ-सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति नजर आई।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पैक किए गए उत्पादों पर न तो निर्माण तिथि दर्ज थी और न ही समाप्ति तिथि। यानी उपभोक्ताओं को यह तक नहीं बताया जा रहा था कि वे ताज़ा सामान खरीद रहे हैं या कई दिन पुराना बासी माल। यह न सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।
जांच के दौरान टीम ने ब्रेड और बिस्कुट के नमूने जब्त कर प्रयोगशाला भेज दिए। हालात इतने खराब पाए गए कि करीब 50 किलो ब्रेड, टोस्ट और पाव मौके पर ही नष्ट करना पड़ा। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माण इकाई को सील कर दिया और संचालक को नोटिस जारी किया। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक सभी वैध दस्तावेज और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती, तब तक उत्पादन पूरी तरह बंद रहेगा।