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Narmadapuram assualt and murder All three convicted sentenced to life imprisonment
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Narmadapuram News: सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के तीनों दोषियों को आजीवन कारावास, डीएनए रिपोर्ट बनी बड़ा आधार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम Published by: नर्मदापुरम ब्यूरो Updated Sun, 01 Mar 2026 06:32 PM IST
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नर्मदापुरम जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र में जून 2023 में हुई सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की जघन्य घटना में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायालय ने तीनों दोषियों को प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं के विरुद्ध दरिंदगी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक 22–23 जून 2023 की रात खेत में अकेली रह रही महिला के साथ तीन आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में उसकी निर्मम हत्या कर दी। महिला का शव संदिग्ध हालत में मिलने के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और मामले को जघन्य अपराध मानते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि आरोपी पंजाब के पटियाला निवासी थे, जो घटना के समय खेत पर हार्वेस्टर चलाने आए थे और पास ही ठहरे हुए थे। उनके संदिग्ध व्यवहार के आधार पर पुलिस ने पूछताछ तेज की।
वैज्ञानिक साक्ष्य बने निर्णायक
डीएनए रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों ने मामले की परतें खोल दीं। विशेष न्यायालय में सुनवाई के दौरान 21 गवाहों के बयान और 59 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सत्येन्द्र सिंह पटेल ने मजबूत पैरवी की।
अदालत का फैसला
28 फरवरी 2026 को विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने दोषियों जगमेल उर्फ रिंकू जाट, हरदीप सिंह उर्फ गांधी रविदास और दर्शन सिंह उर्फ दर्शी जाट को धारा 376 डी, 302 तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने टिप्पणी की कि अपराध अत्यंत जघन्य और समाज को झकझोर देने वाला है।
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