ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की शहादत की खबर सामने आने के बाद राजस्थान शिया मुस्लिम महासभा ने तीन दिवसीय शोक मनाने का ऐलान किया है। यह घोषणा महासभा के महासचिव सैय्यद आसिफ अली ने की। उन्होंने शिया समुदाय से इस दुखद खबर पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए तीन दिनों तक सभी प्रकार के उत्सवों और खुशियों से दूरी बनाए रखने तथा मातम मनाने की अपील की।
इस निर्णय के बाद अजमेर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। अजमेर में शिया समुदाय द्वारा इस शोक को व्यक्त करने के लिए विशेष शोक सभाओं का आयोजन किया गया। दोराई स्थित दरगाह हजरत अब्बास अलैहिस्सलाम और तारागढ़ स्थित दरगाह शरीफ में शहीद अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की याद में मजलिसें आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में समुदाय के लोग शामिल हुए।
इन शोक सभाओं के दौरान कुरआन की तिलावत की गई, दुआएं पढ़ी गईं और उनकी कथित शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके जीवन, संघर्ष और इस्लामी एकता के लिए किए गए प्रयासों को याद किया। पूरे माहौल में गम का वातावरण देखने को मिला।इस मौके पर मौलाना सैय्यद काजिम अली जैदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अयातुल्ला खामेनेई की शहादत की खबर इस्लामी क्रांति और मुस्लिम उम्माह के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखी जा रही है।
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उन्होंने कहा कि उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और प्रतिरोध का प्रतीक रहा है। मौलाना जैदी ने समुदाय से एकजुट रहने और उनके विचारों व सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। राजस्थान शिया मुस्लिम महासभा ने सभी जिलों की इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे तीन दिनों तक शोक सभाएं आयोजित करें और समाज में शांति व एकता का संदेश दें। महासभा ने यह भी अपील की कि इस दौरान समाज में अनुशासन बनाए रखा जाए और केवल धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से शोक व्यक्त किया जाए।
इस घटनाक्रम के बाद राज्यभर में शिया समुदाय के धार्मिक स्थलों पर शोक सभाओं और दुआओं का सिलसिला जारी है, जिससे समुदाय की भावनात्मक एकजुटता साफ दिखाई दे रही है।