जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, जबकि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आता है। सोमवार को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं मंगलवार को भी तापमान करीब 42 डिग्री के आसपास बना रहा। गर्म हवाओं और तेज धूप से आमजन, खासकर बुजुर्ग और बच्चे, सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अब प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी का रुख कर रहे हैं। सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसा पचमढ़ी अपने ठंडे मौसम, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। हालांकि यहां भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, फिर भी मैदानी इलाकों की तुलना में यहां का मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। सोमवार को पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
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बी फॉल बना आकर्षण का केंद्र
पचमढ़ी का प्रसिद्ध बी फॉल इन दिनों सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। झरने से गिरता ठंडा पानी और आसपास का प्राकृतिक वातावरण लोगों को गर्मी से राहत दे रहा है। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचकर पानी में समय बिता रहे हैं और गर्मी से निजात पा रहे हैं।
हालांकि बढ़ती गर्मी का असर पचमढ़ी के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है। सुबह 11 बजे के बाद अधिकांश टूरिस्ट स्पॉट्स पर सन्नाटा छा जाता है लेकिन बी फॉल पर दिनभर रौनक बनी रहती है। सैलानी आमतौर पर शाम 4 बजे के बाद अन्य स्थानों की ओर रुख करते हैं।
रात के समय पचमढ़ी का मौसम राहत भरा हो जाता है। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात यहां का न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे पर्यटकों को ठंडक का अहसास हो रहा है।
बता दें कि पचमढ़ी मध्यप्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है, जिसे सतपुड़ा की रानी भी कहा जाता है। घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां, झरने और शांत वातावरण इसे गर्मी के मौसम में सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं। यही वजह है कि भीषण गर्मी के बीच यह स्थान लोगों के लिए प्राकृतिक एसी की तरह काम कर रहा है। कुल मिलाकर जहां एक ओर नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्र गर्मी की चपेट में हैं, वहीं पचमढ़ी सैलानियों के लिए राहत का प्रमुख ठिकाना बनकर उभर रहा है।