प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की अपील अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। रायसेन जिले की साँची विधानसभा में सोमवार को इसका अनोखा उदाहरण देखने को मिला, जब क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ई-रिक्शा से विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे। खाकी कुर्ता-पायजामा पहने विधायक जब मुस्कुराते हुए ई-रिक्शा से उतरे तो ग्रामीणों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा, “प्रधानमंत्री जी लगातार एक-एक बूंद पेट्रोल बचाने और प्रदूषण कम करने की बात करते हैं। आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए हमें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाने होंगे। इसलिए मैंने तय किया है कि छोटे कार्यक्रमों में पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय ई-रिक्शा या साइकिल का उपयोग करूंगा।”
विधायक के इस कदम से प्रभावित होकर कई सरपंचों और कार्यकर्ताओं ने भी भविष्य में ई-वाहनों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. चौधरी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण की जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना-2011 के आधार पर साँची विधानसभा की 500 से अधिक आबादी वाली उन सभी बसाहटों को सड़क से जोड़ा जाएगा, जो अब तक संपर्क मार्ग से वंचित थीं। इसके लिए 46 नए मार्गों को मंजूरी मिल चुकी है।
उन्होंने बताया कि स्वीकृत 46 सड़कों की कुल लंबाई करीब 120 किलोमीटर होगी। इन सड़कों के निर्माण पर 10,235 लाख रुपये यानी लगभग 102.35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया इसी महीने शुरू होगी और बरसात से पहले निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से क्षेत्र के 24 हजार से अधिक ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को मंडियों तक पहुंचने में सुविधा होगी, मरीजों को अस्पताल ले जाना आसान होगा और बच्चों की स्कूल तक पहुंच बेहतर बनेगी।
डॉ. चौधरी ने कहा कि वर्षों से कच्चे रास्तों की परेशानी झेल रहे गांवों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं होगी। बारिश में कीचड़ और गर्मियों में धूल की समस्या से राहत मिलेगी। एंबुलेंस गांव तक पहुंच सकेगी और दूध-सब्जी जैसे उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंच पाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता से समझौता न करने और तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए।
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ई-रिक्शा से कार्यक्रम में पहुंचने और करोड़ों रुपये की सड़क परियोजनाओं की घोषणा ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया। ग्राम सालेरा के बुजुर्ग रामस्वरूप ने कहा, “नेता जी खुद ई-रिक्शा में आए, इससे बड़ा संदेश क्या होगा। अब उम्मीद है कि हमारी सड़क भी जल्द पक्की बनेगी।” वहीं महिला समूह की सदस्य सुनीता बाई ने कहा, “बारिश में अस्पताल जाना बहुत मुश्किल होता था। सड़क बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।”
डॉ. प्रभुराम चौधरी ने ई-रिक्शा की सवारी कर दो बड़े संदेश दिए, पहला पर्यावरण संरक्षण का और दूसरा सादगी के साथ जनता के बीच पहुंचने का। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का चौथा चरण साँची क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यदि तय समय में 120 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा हो जाता है, तो साँची विधानसभा विकास की नई रफ्तार के साथ आगे बढ़ती नजर आएगी।