जिले की जावरा तहसील के ग्राम सरसी में स्थित एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विभिन्न समस्याओं से परेशान विद्यार्थियों का शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साएं विद्यार्थी स्कूल के बाहर आकर गेट के समीप धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए समस्याएं दूर करने तथा इंग्लिस के शिक्षक का तबादला रोकने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। बड़ी संख्या में उनके अभिभावक व ग्रामीण भी धरना प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे तथा विद्यार्थियों का साथ देते हुए कहा कि घबराओं मत पूरा गांव आपके साथ है। इसी बीच जावरा से बीआरसी ज्योति पटेल और तहसीलदार विद्यार्थियों के पास पहुंचे तथा मांगें लिखकर देने के लिए कहा। इससे ग्रामीण और विद्यार्थी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि आपकों नहीं देंगे, पहले भी कई बार मांग कर चुके हैं। जिला शिक्षा अधिकारी या कलेक्टर को बुलाओ, उनसे चर्चा कर धरना प्रदर्शन समाप्त करेंगे। उधर, प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई, ग्रामीणों ने उसके चेहरे पर पानी छिड़का उसे पानी पिलाया तथा बाइक पर बैठाकर अस्पताल ले गए।
सुबह करीब दस बजे बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूल से बाहर निकले तथा गेट के पास बैठकर धरना देकर नारेबाजी करने लगे। इसी बीच विद्यार्थियों के अभिभावक व ग्रामीण भी वहां पहुंचे तथा धरना प्रदर्शन में शामिल हो गए। विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल में शिक्षक विलंब से आते हैं। शौचालय व्यवस्था ठीक नहीं है। स्कूल मैदान में किसी प्रकार की साफ-सफाई और खेल गतिविधियां नहीं कराई जाती है, लंबे समय से समस्याएं दूर करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। इंग्लिस के शिक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह का तबादला दूसरी जगह ग्राम पाताखेड़ी कर दिया गया है। सभी मांगों का निराकरण करने के साथ इंग्लिस शिक्षक का तबादला आदेश निरस्त किया जाए। विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने कहा कि अंग्रेजी के शिक्षक का तबादला क्यों किया गया, विद्यार्थी उनसे ही पढ़ना चाहते हैं, वे अच्छा पढ़ाते हैं, किसी के दबाव में आकल उनका तबादला किया गया है।
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ग्रामीण विनोद खारोल ने कहा कि हम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। स्कूल हमारे गांव का है न समस्या हम सहेंगे, न बच्चे, यहां पांच सौ विद्यार्थियों पर अंग्रेजी का एक शिक्षक है, यहां से तीन किलोमीदर दूर दूसरे गांव में 13 से 14 बच्चे है, लेकिन वहां दो शिक्षक है। सरसी के स्कूल में स्कूल में अच्छे शिक्षक है, स्कूल संचालन करने में सक्षम है, हमें बताया जाए किसके दबाव में शिक्षक का तबादला किया गया। कौन कहता है कि अटेचमेंट नहीं होता, शिक्षक का अटेचमेंट किया जाए। कलेक्टर या जिला शिक्षा अधिकारी आएंगे, तभी धरना प्ररदर्शन खत्म करेंगे। दोपहर एक बजे तक विद्यार्थी धरने पर बैठे रहे, लेकिन कलेक्टर या जिला शिक्षा अधिकारी प्रदर्शन स्थल नहीं पहुंचे। ग्रामीण अधिकारियों पर भड़क गए तथा कहने लगे कि कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी 2 घंटे बाद भी यहां नहीं पहुंचें है तथा फोन तक नहीं उठा रहे है। बच्चों का भविष्य नही है तो सबकी टीसी बनवाओ, स्कूल में ताला लगा दो, इतनी तानाशाही नही सहेंगे।