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Rewa News: Shocking Image of Development Claims, Body Carried in Cloth Due to Lack of Road, Video Goes Viral
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Rewa News: विकास के दावों की शर्मनाक तस्वीर, सड़क के अभाव में झोली में ढोना पड़ा शव, वीडियो वायरल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा Published by: रीवा ब्यूरो Updated Fri, 26 Dec 2025 10:24 AM IST
प्रदेश में विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों के बीच रीवा जिले से सामने आई इस तस्वीर ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह तस्वीर न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि ग्रामीण भारत की उस सच्चाई को भी उजागर करती है, जिसे अक्सर फाइलों और मंचों पर छुपा दिया जाता है।
मामला रीवा जिले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत जवा की ग्राम पंचायत रौली का है। यहां 55 वर्षीय कमलेश दुबे लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनका इलाज भोपाल के चिरायु अस्पताल में चल रहा था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन जब उनका पार्थिव शरीर गांव लेकर पहुंचे, तब असली पीड़ा का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार गांव तक आज भी पक्की सड़क नहीं है। इसी कारण एंबुलेंस अंतिम छोर तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में परिजनों को शव को झोली में रखकर पैदल ही गांव तक ले जाना पड़ा। जिस रास्ते पर शव गुजरा, वहां न सड़क थी, न सुविधा और न ही कोई प्रशासनिक सहारा।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक परिवार अपनों के शव को सम्मानपूर्वक अंतिम यात्रा देने के लिए भी संघर्ष करने को मजबूर है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस दौरान न कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने मदद की।
परिजनों का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर गांव तक सड़क होती तो हमें इस तरह अपने आदमी का शव उठाकर नहीं ले जाना पड़ता। बीमारी में तो लड़े ही, अब मौत के बाद भी सिस्टम ने हमें बेसहारा छोड़ दिया।
यह घटना एक बार फिर सरकारी योजनाओं, सड़क निर्माण के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अन्य योजनाओं के बावजूद आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां एंबुलेंस पहुंचना सपना बना हुआ है।
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