महाशिवरात्रि से पहले रीवा शहर में उस वक्त तनाव का माहौल बन गया, जब शिव विवाह आयोजन समिति द्वारा लगाए गए पोस्टर और भगवा झंडे नगर निगम की उड़नदस्ता टीम ने हटवा दिए। यह कार्रवाई सोमवार शाम सिविल लाइन थाना क्षेत्र में की गई, जिसके बाद नाराज आयोजकों और शिवभक्तों ने शिल्पी प्लाजा चौराहे पर बीच सड़क धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोग जुट गए और नगर निगम कर्मचारियों के साथ-साथ निगम कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगाए गए।
आयोजकों का कहना है कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होने वाला शिव विवाह आयोजन रीवा की धार्मिक परंपरा का हिस्सा है, जो पिछले 40 वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा है। हर साल पंचमठा आश्रम से भव्य शिव बारात निकलती है, जिसमें आकर्षक झांकियां, ढोल-नगाड़े, गाजे-बाजे और भगवान शिव व देवी-देवताओं की वेशभूषा में कलाकार शामिल होते हैं। ऊंट-घोड़े, नागा साधुओं की झलक और भक्तों की टोलियां इस आयोजन को विशेष बनाती हैं।
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चर्चित है यहां का विशाल भंडारा
शिव विवाह आयोजन की एक बड़ी खासियत पंचमठा आश्रम में लगने वाला विशाल भंडारा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। बीते वर्षों में यह आयोजन रिकॉर्ड भी बना चुका है। वर्ष 2023 में 1100 किलो वजनी लोहे की कढ़ाई में 5100 किलो खिचड़ी बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया, जबकि 2024 में विशाल नागाड़ा बनाकर अयोध्या राम मंदिर को भेंट किया गया था।
फूट-फूटकर रोए समिति अध्यक्ष
इस वर्ष आयोजन के तहत कोठी स्थित मनकामेश्वर नाथ शिव मंदिर में 31 फीट ऊंचा त्रिशूल स्थापित किया जाना प्रस्तावित था। इन्हीं तैयारियों के तहत शहर में प्रचार पोस्टर लगाए गए थे, जिन्हें नगर निगम द्वारा हटाए जाने से विवाद खड़ा हो गया। धरने पर बैठे समिति अध्यक्ष मनीष गुप्ता भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोते हुए कहा कि यह उनकी आस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टरों को फाड़ा गया और उनका अपमान किया गया। गुप्ता ने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं और 40 वर्षों से धार्मिक परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से हस्तक्षेप कर नगर निगम कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रमाण दो, कार्रवाई होगी
नगर निगम कमिश्नर संजय सौरभ सोनवणे ने सफाई देते हुए कहा कि बिना अनुमति और तय समय से काफी पहले पोस्टर लगाए गए थे, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की गई है। पोस्टरों के अपमान के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यदि कोई ठोस प्रमाण दिया जाता है, तो जांच कर कार्रवाई जरूर की जाएगी।