सागर जिले की गढ़ाकोटा तहसील का चनौआ गांव अपने टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यहां का टमाटर देश के अनेक राज्यों में भेजा जाता है और इस गांव के आसपास के किसान बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती करते हैं। एक समय किसानों को मुनाफे का सबब बनने वाला टमाटर अब उन्हें खून के आंसू रुला रहा है। वर्तमान में इसके दाम इतने कम हो गए है कि अब किसान इसकी खेत से तुड़ाई भी नहीं करना चाहते।
सोशल मीडिया पर वायरल मीम्स “अहा टमाटर बड़े बड़े मजेदार..अहा टमाटर बड़े मजेदार” तो आपने सुना-देखा होगा ही। करीब एक महीने पहले तक टमाटर के भाव आसमान छू रहे थे।खरीदने वाले उदास थे तो किसान खुश। लेकिन, अब स्थिति बदल गई है। वही टमाटर जो 35 दिन पहले तक 80 रुपये किलो में मिल रहा था, आज उसी टमाटर के भाव सुनकर किसानों के चेहरे लाल हो जा रहे हैं। मार्केट में कीमत 5 रुपये में किलो या दो किलो तक पहुंच गई है।
दरअसल, सागर में टमाटर के भाव इतने गिर गए हैं कि उन्हें खरीदार नहीं मिल रहे हैं, जिन किसानों के खेत तक व्यापारी टमाटर खरीदने के लिए पहुंच रहे थे, आज वो किसान व्यापारियों को कॉल कर बुला रहे हैं। व्यापारी आ तो रहे हैं, लेकिन, कीमत इतनी कम लगा रहे हैं कि किसान दाम सुनकर अपना माथा पकड़ ले रहे हैं। किसान भी हैरान हैं कि जो टमाटर कुछ महीने पहले तक कमाई करा रहे थे, अब उनका ये हाल कैसे हो गया। वहीं, दूसरी ओर लोगों को राहत मिली है।
टमाटर की खेती करने वाले किसान बबलू ने बताया, वह एक एकड़ में टमाटर की फसल लगाए हुए हैं। अचानक मौसम में बदलाव होने की वजह से बारिश हुई। दो-तीन दिन बादल छाए रहे, जिससे पौधों में लगे टमाटर एकदम से पककर लाल हो गए। एक साथ सभी जगह लोकल टमाटर की आवक बढ़ गई। टमाटर के दाम गिर गए, तीन दिन से कोई व्यापारी टमाटर खरीदने गांव नहीं आया है। फोन पर बात की थी तो एक क्रेट (40 किलो) के दाम 30 रुपये के हिसाब से देने का बोल रहे हैं। यानी टमाटर एक रुपए से भी सस्ता 60 पैसे किलो में मांग रहे हैं।