मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच सतना जिले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भोपाल में पकड़े गए नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच करते हुए पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने सतना में एक ऐसे गोदाम का खुलासा किया है, जहां बड़ी मात्रा में गांजा और नशीली कफ सिरप छिपाकर रखी गई थी। इस कार्रवाई में करीब 28 लाख रुपये मूल्य का मादक पदार्थ जब्त किया गया है। पुलिस का मानना है कि यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि प्रदेश में सक्रिय एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
भोपाल में हुई कार्रवाई से खुली सतना की कड़ी
पूरे मामले की शुरुआत भोपाल के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित पटेल सिटी में हुई कार्रवाई से हुई थी। यहां एसटीएफ और पुलिस ने अवैध रूप से कफ सिरप की रीफिलिंग करने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। जांच आगे बढ़ी तो मुबारकपुर और परवलिया इलाकों से भी भारी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप बरामद की गई। इस मामले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिनके आधार पर नशे के कारोबार की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर सतना में दबिश
पुलिस रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी नवाब से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि सतना जिले के डेलौरा बाईपास क्षेत्र में स्थित एक गोदाम में नशीले पदार्थों का बड़ा जखीरा रखा गया है। जानकारी मिलते ही भोपाल एसटीएफ और सतना जिले की कोलगवां थाना पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर देर रात गोदाम पर दबिश दी। कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई ताकि तस्करों को भनक न लग सके।
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गोदाम से मिला भारी मात्रा में गांजा और कफ सिरप
तलाशी के दौरान पुलिस को गोदाम के भीतर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिले। अधिकारियों के अनुसार करीब 260 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है। इसके अलावा 60 पेटियों में रखी 7,200 शीशियां ओनेरेक्स और कोरेक्स कफ सिरप भी जब्त की गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है और युवाओं के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। पुलिस ने जब्त सामग्री को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
रीवा के दो तस्करों के नाम आए सामने
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिस गोदाम से मादक पदार्थ बरामद हुए हैं, वह भागवत प्रसाद द्विवेदी का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार इस गोदाम को रीवा निवासी रोहित जायसवाल और अजय पटेल नामक व्यक्तियों ने किराए पर लिया था। दोनों संदिग्ध वर्तमान में फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गोदाम में नशीले पदार्थ कब से रखे जा रहे थे और इनकी सप्लाई किन-किन जिलों एवं राज्यों में की जा रही थी।
प्रदेशव्यापी नेटवर्क की आशंका
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे यह संकेत मिलता है कि मामला केवल सतना तक सीमित नहीं है। भोपाल, रीवा और सतना के बीच नशे की तस्करी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो लंबे समय से प्रतिबंधित पदार्थों की सप्लाई कर रहा था जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस का अभियान रहेगा जारी
मामले को लेकर सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि भोपाल एसटीएफ से प्राप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जब्त सामग्री की जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच सतना में हुई यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।